दामाद पर मौसी के साथ मिलकर बेटी तथा नातिनों को बेचने का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की गई थी। याचिका की सुनवाई के दौरान पुलिस की तरफ से बताया गया कि महिला तथा बच्चे कर्नाटक से लापता हुए हैं और उनकी तलाश जारी है। हाईकोर्ट जस्टिस संजीव सचदेवा तथा जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने पुलिस को फ्रेश स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के आदेश जारी करते हुए अगली सुनवाई 11 दिसंबर को निर्धारित की है।
जबलपुर के शहपुरा थानान्तर्गत रायखेड़ा निवासी सिम्मी बाई की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया था कि उसकी बेटी शीला का विवाह दिलीप चौधरी से हुआ था। उसकी बेटी की दो नाबालिग बेटियों भी थीं। बेटी और दोनों नाबालिग नातिन अप्रैल 2023 से लापता हैं। इसकी रिपोर्ट षहपुरा थाने में दर्ज करवाई गई थी। याचिका में कहा गया था कि उसके दामाद ने अपनी मौसी कविता चौधरी के साथ मिलकर उसकी बेटी तथा नाबालिग नातिनों को बेच दिया है। शिकायत दर्ज करवाने के बावजूद भी पुलिस अभी तक उनके संबंध में कोई सुराग नहीं लगा पाई है।
पूर्व में हुई याचिका की सुनवाई के दौरान युगलपीठ को बताया गया था कि पुलिस बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका वापस लेने याचिकाकर्ता महिला पर दबाव बना रही है। याचिका पर सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान पुलिस की तरफ से उक्त स्टेटस रिपोर्ट पेश की गई। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता एनपी राठौर ने बताया कि महिला व बच्चे पुणे से लापता हुए हैं। युगलपीठ सुनवाई के बाद फ्रेश स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के आदेश जारी किए हैं।