फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jabalpur News: सिम को ई-सिम में तब्दील कर खाते से उड़ाए एक लाख, न ओटीपी का पता चला, न बैंक के मैसेज का

Thu, 05 Dec 2024 03:38 PM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर

सार

जबलपुर में सायबर क्राइम का मामला सामना आया है। सिम को ई सिम में बदलकर बैंक खाते से एक लाख रुपये निकाल लिए गए। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। 
विज्ञापन
Cyber Crime - फोटो : FREEPIK
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लोगों की मेहनत की कमाई को सायबर अपराधी किस तरह से पल भर में ही हड़प कर रहे हैं, इसकी बानगी रोजाना सामने आ रही है। गढ़ा क्षेत्र में एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां न तो ओटीपी पूछी गई और न ही कोई पर्सनल जानकारी, सिर्फ एक कॉल किया गया और उसकी सिम को ई-सिम में तब्दील कर पीड़ित के एकाउंट से एक लाख रुपये पार कर दिए।
विज्ञापन


पुलिस ने बताया कि नारायण नगर गार्डन के समीप निवासी 42 वर्षीय नरेन्द्र कुमार त्रिपाठी का पंजाब नेशनल बैंक जवाहरगंज शाखा में खाता है, जिसमें उनका मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड है। गत 9 जून 2024 को उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से फोन आया। जिसने खुद को एयरटेल कंपनी का बताते हुए कहा कि आपके क्षेत्र में 5 जी नेटवर्क चालू हो गया है, उसके कुछ देर बाद मोबाइल का नेटवर्क चला गया और उसकी सिम ने काम करना बंद कर दिया। 11 जून को जब पीड़ित ने अपना खाता चेक किया तो खाते से यूपीआई द्वारा 95 हजार व चार हजार 999 रुपये ट्रांजैक्शन किया गया था। इसके बाद पीड़ित को पता चला कि उसके साथ सायबर फ्रॉड हुआ है। उसने कस्टमर केयर में फोन कर अपना खाता ब्लॉक कराया। इसके बाद जब उसने एयरटेल ऑफिस जाकर पतासाजी की तो उसे बताया गया कि उनकी सिम को ई-सिम में तब्दील कर सायबर धोखाधड़ी कर यूपीआई द्वारा एक लाख रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर कर लिए गए हैं। शिकायत पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया है। 

स्मार्ट मीटर के नाम पर धोखाधड़ी
स्मार्ट मीटर लगाने के नाम पर धोखाधड़ी किए जाने का आरोप लगाते हुए एक उपभोक्ता ने गोराबाजर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। अनमोल दुबे पिता सुशील कुमार दुबे निवासी प्रगति नगर तिलहरी ने शिकायत में बताया कि बिजली विभाग के वेंडर और लाइनमैन द्वारा घर में कोई नहीं होते हुए मीटर चेंज कर दिया गया। साथ ही आश्चर्य की बात ये है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद में मीटर ने अपनी रफ्तार दिखाई, लेकिन घर तक लाइट गई ही नहीं और गत 3 बजे दोपहर से रात के 9 बजे तक और इस समय भी लाइट नहीं है, पर स्मार्ट मीटर अपना काम स्मार्ट तरीके से कर रहा है और बिजली विभाग की पोल खोल रहा है। लाइट घर तक पहुंच ही नहीं रही है इसमें संबंध में वेंडर और लाइन मैन और बिजली विभाग के अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर की की जाए। हालांकि इस मामले में जब हमने बिजली दफ्तर में संपर्क करने की कोशिश की तो कोई जवाब नहीं मिला। 

विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें