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Jabalpur News: डुमना एयरपोर्ट पर क्यों लिया जा रहा है अधिक टैक्स, हाईकोर्ट ने राज्य शासन से मांगा जवाब

Fri, 14 Mar 2025 08:16 PM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर

सार

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट पर अधिक टैक्स वसूली को लेकर राज्य सरकार से एक सप्ताह में जवाब मांगा है। अधिक टैक्स के कारण विमानन कंपनियां फ्लाइट संचालन में असमर्थ हैं, जिससे जबलपुर की एयर कनेक्टिविटी घट रही है। याचिका पर हाईकोर्ट जल्द निर्णय लेगा। 
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कोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस संजीव सचदेवा की अध्यक्षता वाली युगलपीठ ने राज्य शासन से पूछा है कि जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट पर अपेक्षाकृत अधिक टैक्स क्यों लिया जा रहा है। सरकार को एक सप्ताह में स्पष्ट करने का निर्देश दिया गया है कि क्या इस टैक्स को घटाया जा सकता है और जनहित में क्या गुंजाइश हो सकती है।

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यह मामला नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच की जनहित याचिका से संबंधित है, जिसमें जबलपुर की घटती एयर कनेक्टिविटी पर चिंता जताई गई है। नोटिस जारी होने के बाद विमानन कंपनियों ने जवाब में कहा कि अधिक टैक्स के कारण वे फ्लाइट संचालन में असमर्थ हैं।

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जनहित याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय ने दलील दी कि जबलपुर से एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। पूर्व में हाईकोर्ट ने एयर इंडिया से जवाब मांगा था, जिसमें कंपनी के अधिवक्ता अल्हाद नरसिंह कुलकर्णी ने बताया कि विस्तृत सर्वे के बाद जबलपुर से उड़ानें संचालित करना लाभदायक नहीं पाया गया। डुमना एयरपोर्ट के अधिक चार्ज के कारण एयरलाइंस को मुनाफे से ज्यादा नुकसान हो रहा है, जिससे वे फ्लाइट संचालन से दूरी बना रही हैं और नागरिकों को परेशानी उठानी पड़ रही है।

याचिकाकर्ता ने बताया कि जबलपुर में अन्य शहरों की तुलना में कम फ्लाइट्स हैं। पहले जबलपुर से मुंबई, पुणे, कोलकाता और बेंगलुरु जैसी जगहों के लिए उड़ानें संचालित होती थीं। तब जबलपुर की एयर कनेक्टिविटी इंदौर, ग्वालियर और भोपाल के बराबर थी, लेकिन अब फ्लाइट्स की संख्या लगातार घटकर मात्र पाँच रह गई है, जिससे जबलपुर के विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
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पूर्व में इंडिगो एयरलाइंस ने हाईकोर्ट में अपना जवाब दाखिल कर दिया था। पिछली सुनवाई में एयर इंडिया एक्सप्रेस को अनावेदक बनाकर नोटिस जारी किया गया था, जिसके जवाब में कंपनी ने बताया कि वे देश के 45 हवाई अड्डों से उड़ान संचालित करते हैं, लेकिन जबलपुर उन 73 एयरपोर्ट्स में शामिल है जहां से उनका संचालन नहीं होता। फ्लाइट्स का संचालन मुख्य रूप से लाभ-हानि के आधार पर तय किया जाता है। हाईकोर्ट इस मामले में अगली सुनवाई में सरकार के जवाब के आधार पर आगे का निर्णय लेगी।

 

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