सस्ते दाम पर पुराने सोने के सिक्के देने का लालच देकर ठगी करने वाले पारधी गिरोह के दो सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से ठगी के दो लाख रुपये भी बरामद किए गए हैं। पनागर पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और उनकी दूसरी वारदातों का पता लगाने में जुटी है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल के बीरभूम निवासी विश्वजीत भकत की अगस्त 2026 में झारखंड के देवघर में बाबा धाम कांवड़ यात्रा के दौरान रुद्राक्ष बेचने वाली एक महिला से मुलाकात हुई थी। इसके बाद महिला के पति बंटी ने फोन कर कम कीमत पर पुराने सोने के सिक्के देने का लालच दिया।
आरोपियों ने शुरुआत में विश्वजीत को जांच के लिए 1.18 ग्राम का एक असली सोने का सिक्का दिया। इससे उनका भरोसा जीतने के बाद आरोपियों ने 50 से 60 सोने के सिक्के देने के नाम पर दो लाख 10 हजार रुपये मांगे।
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इसके लिए विश्वजीत 24 अक्टूबर को अपने ममेरे भाई के साथ जबलपुर पहुंचे। आरोपियों ने दोनों को पनागर क्षेत्र के कुशनेर अंडरब्रिज बायपास पर बुलाया था। वहां पीड़ितों ने सिक्कों की दोबारा जांच कराने की बात कही तो आरोपियों ने कथित तौर पर रुपयों से भरा बैग, मोबाइल और अन्य सामान जबरन छीन लिया और मौके से फरार हो गए।
पीड़ित की शिकायत पर पनागर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की थी। तकनीकी और मैदानी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने कृष्णा कुमार उर्फ बंटी पारधी और राजवीर पारधी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की जांच कर रही है। साथ ही गिरोह के अन्य सदस्यों और उनसे जुड़ी दूसरी वारदातों का पता लगाने के लिए पूछताछ की जा रही है।