बालाघाट जिले में मैंगनीज और इंडिया लिमिटेड (मॉयल) की भरवेली खदान में अंडर ग्राउंड के 13वें लेबल में ड्रिलिंग कार्य के दौरान चट्टान गिर गई। चट्टान की चपेट में आने के कारण दो मजदूरों की घटना स्थल पर मौत हो गई। घटना में मृतक दोनों व्यक्ति ठेका मजदूर है।
भरवेली थाने से प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार देर रात खदान के 13 लेवल पर ड्रिलिंग का काम चल रहा था। इसी दौरान गिरी चट्टान की चपेट में आने के कारण मूलतः कटंगी निवासी निवासी अखिलेश उइके और बालाघाट निवासी मंजर अली की मौत हो गई। पुलिस ने सूचना मिलने पर शवों को पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर प्रकरण को विवेचना में लिया है।
खदान ठेका श्रमिक संगठन के महामंत्री रवि कुमार शिववंशी ने अवगत कराया कि घटना में मृत दोनों ठेका श्रमिक थे। जो श्री गणेश इंटरप्राइजेज और एके इंटरप्राइजेज प्राइवेट कंपनी के लिए काम करते थे। डीजीएमएस ने सुरक्षा की दृष्टि से 13.5 लेबल खदान को बंद करवा दिया था। खदान को उत्पादन के लिये पुनः प्रारंभ किया गया था। इतना ही नहीं खदान में कुशल श्रमिकों को भेजने की बजाय अकुशल श्रमिकों को भेजा गया, जिसके कारण यह घटना घटित हुई है।
पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने इस हादसे के लिए मायल प्रबंधन को दोषी ठहराते हुए मृतकों के परिवारजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा और उनके आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति दिए जाने की मांग की है। इसके अलावा खदान मैनेजर तथा श्रमिक सप्लाई करने वाली कंपनी के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने मांग की गई है।