76 लाख की ऑनलाइन ठगी करने वाले दो आरोपी लखनऊ से गिरफ्तार
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वृद्ध के साथ 76 लाख की ऑनलाइन ठगी करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने लखनऊ से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए एक आरोपी ने साइबर ठगों को एक प्रतिशत राशि पर बैंक खाता किराए पर दिया था। दूसरा आरोपी साइबर ठगों के लिए बैंक खाते किराए पर लेने के कार्य करता था। क्राइम ब्रांच ने पूछताछ के लिए दोनों आरोपी को तीन दिन के रिमांड पर लिया है।
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क्राइम ब्रांच के टीआई जितेंद्र पाटकार के अनुसार 22 नवंबर 2025 को संजीवनी नगर निवासी अनिल कुमार नन्हौरिया के मोबाइल पर व्हाट्सएप कॉल आया। कॉल करने वाले खुद को आईपीएस अधिकारी बताते हुए कहा था कि ह्यूमन ट्रैफिकिंग केस में फंसे सदाकत खान के पास से तुम्हारे नाम का एटीएम कार्ड मिला है। आपके नाम से जारी मोबाइल सिम लोगों को धमकी भरे कॉल किए जा रहे हैं। दिल्ली थाना आकर स्टेटमेंट दर्ज करना होगा। सुप्रीम कोर्ट से उसके नाम पर जारी फर्जी आदेश दिखाते हुए बुजुर्ग को तीन दिनों तक आरोपी डिजिटल अरेस्ट करके रखे हुए थे। कॉल करने वाले आरोपियों ने वृद्ध को बताया था कि एक सीक्रेट मिशन है। राष्ट्रीय सुरक्षा के हिसाब से इसकी जानकारी किसी को भी देने पर तीन साल की सजा और पांच लाख के जुर्माने का प्रावधान है। डर के कारण पीड़ित वृद्ध उनकी बात मानता गया और एफडी तुड़वाकर 76 लाख रुपये उनके बताए खाते में जमा करवा दिए थे।
मामला सामने आने के बाद साइबर ठगों को बैंक खाता किराए पर देने वाले अजय शर्मा तथा बैंक खाते किराए पर लेने वाले वेद प्रकाश वर्मा को क्राइम ब्रांच ने लखनऊ से गिरफ्तार कर मंगलवार को न्यायालय में पेश किया। पूछताछ के लिए दोनों आरोपियों को क्राइम ब्रांच ने तीन दिनों के रिमांड पर लिया है। आरोपी अजय शर्मा ने 1 प्रतिशत की राशि लेकर उसने साइबर ठगों को खाता किराए पर दिया था। दूसरे आरोपी ने उसे साइबर ठगों से मिलवाया था।