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Jabalpur News: दहेज प्रताड़ना से त्रस्त होकर बहू ने लगाई थी फांसी, मां-बेटे को मिली पांच-पांच साल की सजा

Wed, 03 Sep 2025 08:43 PM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर

सार

स्मिता सिंह का विवाह हिन्दू रीति-रिवाज से संजीवनी नगर निवासी यतेन्द्र सिंह उर्फ शनि राजपूत के साथ हुआ था। शादी के बाद से ही आरोपी पति यतेन्द्र उर्फ शनि (30) व उसकी मां मीना सिंह राजपूत (60) उसे दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगे। दहेज में दो लाख रुपये की डिमांड करते हुए उसे मानसिक व शारीरिक यातना दी जाती थी।
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कोर्ट ने सुनाई सजा (प्रतीकात्मक चित्र) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दहेज प्रताड़ना से त्रस्त होकर बहू द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने के मामले में न्यायालय ने आरोपी सास तथा पति को दोषी करार दिया है। अपर सत्र न्यायाधीश प्रवेन्द्र कुमार सिंह की अदालत ने आरोपी मां-बेटे को पांच-पांच साल की सजा व एक-एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।

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अभियोजन के अनुसार स्मिता सिंह का विवाह हिन्दू रीति-रिवाज से संजीवनी नगर निवासी यतेन्द्र सिंह उर्फ शनि राजपूत के साथ हुआ था। शादी के बाद से ही आरोपी पति यतेन्द्र उर्फ शनि (30) व उसकी मां मीना सिंह राजपूत (60) उसे दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगे। दहेज में दो लाख रुपये की डिमांड करते हुए उसे मानसिक व शारीरिक यातना दी जाती थी। पति और सास की रोजाना की प्रताड़ना से तंग आकर स्मिता सिंह ने 30 अप्रैल 2018 की रात को अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
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मृतका की बहन प्रियंका राजपूत की शिकायत पर संजीवनी नगर पुलिस ने शव को पंचनामा कार्यवाही के बाद पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया था। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपी मां-बेटे के खिलाफ दहेज प्रताड़ना व आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण का प्रकरण दर्ज कर अदालत के समक्ष चालान पेश किया था। न्यायालय ने प्रकरण की सुनवाई के दौरान पेश किए गए साक्ष्य व गवाहों के आधार पर आरोपी मां-बेटे को दोषी करार देते हुए उक्त सजा से दंडित किया। प्रकरण की सुनवाई के दौरान शासन की तरफ से अतिरिक्त लोक अभियोजक लहर दीक्षित ने पैरवी की।

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