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Jabalpur News: महाधिवक्ता कार्यालय की नियुक्तियों पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार से तलब किया मूल रिकॉर्ड

Wed, 15 Jul 2026 08:25 AM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर

सार

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने महाधिवक्ता कार्यालय में शासकीय अधिवक्ताओं की कथित नियमविरुद्ध नियुक्तियों के मामले में राज्य सरकार से चयन प्रक्रिया का मूल रिकॉर्ड तलब किया है। कोर्ट ने महाधिवक्ता को अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।
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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट।
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विस्तार
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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में महाधिवक्ता कार्यालय में शासकीय अधिवक्ताओं की कथित नियमविरुद्ध नियुक्तियों को चुनौती देने वाली जनहित याचिका दायर की गई है। इस मामले में हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने राज्य सरकार को महाधिवक्ता कार्यालय में हुई नियुक्तियों की चयन प्रक्रिया का पूरा मूल रिकॉर्ड प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। युगलपीठ ने मामले की अगली सुनवाई 10 अगस्त को निर्धारित करते हुए सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने के निर्देश भी दिए हैं।

हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, जबलपुर के संयुक्त सचिव योगेश सोनी की ओर से दायर याचिका में महाधिवक्ता कार्यालय में शासकीय अधिवक्ताओं की नियुक्तियों को चुनौती दी गई है। याचिका में कहा गया है कि वर्ष 2013 की राजपत्र अधिसूचना के अनुसार शासकीय अधिवक्ताओं की नियुक्ति के लिए न्यूनतम 10 वर्ष का अधिवक्ता के रूप में अनुभव अनिवार्य है, जबकि नियुक्त किए गए कई अधिवक्ताओं के पास निर्धारित अनुभव नहीं है।

'नियुक्ति प्रक्रिया में किसी प्रकार की पारदर्शिता नहीं बरती गई'

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याचिका में यह भी कहा गया है कि नियुक्तियों में निर्धारित नियमों की अनदेखी करते हुए अयोग्य अधिवक्ताओं को भी नियुक्त किया गया। साथ ही, नियुक्ति प्रक्रिया में किसी प्रकार की पारदर्शिता नहीं बरती गई। याचिकाकर्ता ने नियुक्ति प्रक्रिया को मनमाना, पक्षपातपूर्ण और राजपत्र अधिसूचना के विपरीत बताया है।

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मंगलवार को याचिका पर सुनवाई करते हुए युगलपीठ ने उक्त निर्देश जारी किए। अपने आदेश में अदालत ने कहा कि जिन प्रतिवादियों द्वारा अगली सुनवाई तक जवाब दाखिल नहीं किया जाएगा, उनके संबंध में महाधिवक्ता द्वारा प्रस्तुत जवाब को ही उनका जवाब माना जाएगा। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय ने पैरवी की।

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