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Jabalpur: मां की मौत के बाद बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका खत्म, बच्ची की तलाश जारी रखने के निर्देश

Wed, 06 May 2026 08:01 PM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर

सार

खंडपीठ ने याचिका का निराकरण करते हुए निर्देश दिया कि पुलिस बच्ची की तलाश जारी रखे। बच्ची के मिलने पर उसे पन्ना स्थित वन स्टॉप सेंटर, नारी निकेतन या गोद देने की प्रक्रिया के लिए किसी पंजीकृत केंद्र में रखा जाए।
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जबलपुर हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मासूम बच्ची के अपहरण के बाद उसकी तलाश में पुलिस द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने के खिलाफ जबलपुर हाईकोर्ट में मां ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता मां के निधन के बाद किसी अन्य परिजन ने बच्ची की अभिरक्षा का दावा प्रस्तुत नहीं किया। ऐसे में हाईकोर्ट की जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की खंडपीठ ने याचिका का निराकरण करते हुए पुलिस को लापता बच्ची की तलाश जारी रखने और वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

पन्ना जिले के सिमरिया गांव निवासी पूनम रजक ने याचिका में बताया था कि 3 जुलाई 2023 को वह अपनी 6 वर्षीय बेटी के साथ दमोह के अंबेडकर चौराहा पर किसी का इंतजार कर रही थीं। इसी दौरान दो व्यक्ति उनकी बेटी का अपहरण कर ले गए। घटना की रिपोर्ट कोतवाली थाना दमोह में दर्ज कराई गई थी, लेकिन पुलिस द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने पर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया।

सुनवाई के दौरान कोर्ट के समक्ष पुलिस ने 11 स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत कीं, जिनमें देश के विभिन्न स्थानों पर बच्ची की तलाश के प्रयासों का विवरण दिया गया, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिल सकी। इस बीच याचिकाकर्ता मां का निधन हो गया। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि यदि परिवार का कोई अन्य सदस्य बच्ची की अभिरक्षा का दावा करता है तो याचिका जारी रखी जा सकती है, लेकिन ऐसा कोई दावा सामने नहीं आया।

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खंडपीठ ने याचिका का निराकरण करते हुए निर्देश दिया कि पुलिस बच्ची की तलाश जारी रखे। बच्ची के मिलने पर उसे पन्ना स्थित वन स्टॉप सेंटर, नारी निकेतन या गोद देने की प्रक्रिया के लिए किसी पंजीकृत केंद्र में रखा जाए। साथ ही पुलिस को हर वर्ष अपनी प्रगति रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

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