जबलपुर में टर्म डिपॉजिट खातों से रकम हड़पने वाले सब पोस्ट मास्टर को सीबीआई न्यायालय ने विभिन्न धाराओं के तहत दोषी करार दिया है। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश रूपेश कुमार गुप्ता ने आरोपी को विभिन्न धाराओं के तहत अधिकतम पांच साल की सजा तथा 36 हजार रुपये जुर्माने की सजा से दंडित किया है। आरोपी ने अपने पिता के साथ संयुक्त खाता खोलकर उससे भी पांच लाख रुपये की राशि हड़प कर पारिवारिक विश्वास को तोड़ा है।
अभियोजन के अनुसार विशाल कुमार अहिरवार उम्र 39 साल सागर के बीना बजरिया स्थित पोस्ट ऑफिस में पोस्ट मास्टर के पद पर पदस्थ था। इस दौरान उसने छह टर्म डिपॉजिट अकाउंट में जमा 32 लाख 77 हजार रुपये की राशि का व्यक्तिगत रूप से उपयोग किया। खातेदारों को इस संबंध में कोई जानकारी नहीं थी। आरोपी ने सिस्टम के पासवर्ड का उपयोग करने हुए उक्त राशि का स्थानांतरण अपने निजी खाते में किया था।
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आरोपी ने अपने पिता भागीरथ अहिरवार के साथ भी संयुक्त रूप से खाता खोलते हुए पांच लाख रुपये जमा किये थे। राशि जमा करने के बाद उक्त रकम भी आरोपी ने निकाल ली थी, जिसके संबंध में उसके पिता को कोई जानकारी नहीं थी। इस प्रकार आरोपी ने पारिवारिक विश्वास भी तोड़ा था। सीबीआई ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा सहित अन्य धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया था। सीबीआई ने आरोपी के पिता तथा भाई को भी अभियोजन साक्षी बनाया गया था। न्यायालय ने प्रकरण के दौरान पेश किये गये साक्ष्य व गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी करार देते हुए उक्त सजा से दंडित किया। सीबीआई के तरफ से लोक अभियोजन संजय कुमार उपाध्याय ने पैरवी की।
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वाहन चेकिंग के दौरान हुए विवाद के बाद पुलिस और अधिवक्ता पर प्रकरण दर्ज
वाहन चेकिंग के दौरान एक अधिवक्ता की गाड़ी को डंडा दिखाकर रोकने तथा चॉबी निकालने की बात ने विवाद का रूप धारण कर दिया। विवाद के दौरान स्थित मारपीट तक पहुंच गई थी। घटना की जानकारी मिलने पर बड़ी संख्या में अधिवक्ता वर्ग भी पहुंच गया था। विवाद के बाद दोनों पक्ष ने एक दूसरे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई है।
सीएसपी बीएस गौठरिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार, माढोताल थानान्तर्गत वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस ने बिना हेलमेट पहले एक युवक को रोका था। इसकी गाड़ी में अधिवक्ता का मोनो लगा हुआ था। इस दौरान युवक व वाहन चेकिंग कर रहे पुलिसकर्मियों के बीच विवाद हो गया था। विवाद की सूचना मिलने पर अन्य अधिवक्ता भी पहुंच गये थे।
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अधिवक्ता विवेक पटेरिया ने शिकायत दर्ज करवाई है कि वाहन चेकिंग के दौरान एसआई वीरेंद्र तिवारी पुलिसकर्मियों ने वाहन की जबरदस्ती चॉबी निकालते हुए उसके साथ मारपीट की। इसके कारण उसे हाथ में चोट आई है। इसके अलावा वाहन चेकिंग में लगे पुलिस कर्मियों का रिपोर्ट दर्ज करवाई है कि अधिवक्ताओं ने पहुंचकर ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मियों के कार्य में बाधा उत्पन्न की थी। पुलिस ने पुलिस कर्मियों के खिलाफ मारपीट तथा अधिवक्ता के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने का प्रकरण दर्ज कर लिया है।
जिला अधिवक्ता संघ के सचिव ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने पर जब अन्य अधिवक्ता के साथ माढ़ोताल थाने पहुंचे तो एसआई विजेंद्र तिवारी ने अधिवक्ता वर्ग पर अशोभनीय टिप्पणी की। इस संबंध में उन्होंने फोन पर थाना प्रभारी नीलेश दोहरे को सूचना दी। इसी दौरान उपस्थित पुलिस कर्मी बल पूर्वक सभी अधिवक्ताओं को थाने के अंदर ले जाने लगे।