पिता का गला दबाकर हत्या करने के अपराध में जिला न्यायालय ने आरोपी बेटे को दोषी करार देते हुए सजा से दंडित किया है। न्यायाधीश गौरव प्रज्ञानंद ने बेटे को आजीवन कारावास तथा 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा से दंडित किया है।
अभियोजन की तरफ से न्यायालय को बताया गया कि 27 जून 2022 की सुबह लगभग 4 बजे पनागर निवासी मोटर साइकिल से अधारताल थानान्तर्गत व्हीकल मोड पहुंचा था। वह मोटरसाइकिल में पीले रंग का बोरा रखे हुए था। रात्रि गश्त कर रहे अधारताल थाने में पदस्थ आरक्षक इंद्रजीत यादव ने उसे रोककर पूछताछ की तो उसने बताया कि वह बोरे में सब्जी लेकर बेचने के लिए बाजार जा रहा है। पुलिसकर्मी को युवक पर शक हुआ तो उसने बोरी खुलवाई तो उसके अंदर वृद्ध की लाश मिली।
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युवक ने पूछताछ के दौरान बताया कि वह पनागर का निवासी है और बोरी के अंदर मिला शव उसके पिता रामलाल बंशकार की है। रात में उसका पिता से विवाद हो गया था। विवाद के दौरान उसने पिता का गला दबा दिया था। इसके कारण उनकी मृत्यु हो गयी थी। हत्या का करने बाद बाद वह पिता का शव बोरी में भरकर उसे ठिकाने लगाने जा रहा था। पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ हत्या का अपराध दर्ज कर प्रकरण को न्यायालय के समक्ष पेश किया था। न्यायालय ने प्रकरण के सुनवाई के दौरान पेश किए गए साक्ष्य व गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी करार देते हुए उक्त सजा से दंडित किया। अभियोजन की तरफ से विशेष लोक अभियोजक स्मृति लता बरकड़े ने पक्ष रखा।