मंडला जिले के पिपरिया स्थित एकलव्य विद्यालय में 17 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। डेंगू-मलेरिया रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उनमें जापानी इंसेफेलाइटिस वायरस की आशंका जताई जा रही है।
मंडला जिले के ग्राम पिपरिया स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में शुक्रवार को एक कार्यक्रम के बाद एक छात्रा बेहोश हो गई। इसके दूसरे दिन शनिवार को स्कूल के 17 छात्रों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। बेहोश होकर गिरी छात्रा को जबलपुर रेफर किया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
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मंडला अस्पताल में भर्ती बच्चों की डेंगू और मलेरिया की रिपोर्ट निगेटिव आई है। अस्पताल में भर्ती पांच बच्चों के सैंपल जापानी इंसेफेलाइटिस वायरस की जांच के लिए लिए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए जबलपुर स्थित आईसीएमआर भेजा जाएगा। संयुक्त संचालक स्वास्थ्य विभाग जबलपुर डॉ. संजय मिश्रा के अनुसार, मंडला जिले के पिपरिया गांव स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में पढ़ने वाली कक्षा 10वीं की छात्रा शिल्पा मरावी शुक्रवार को स्कूल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अचानक बेहोश हो गई थी। उसकी हालत बिगड़ने पर उसे जबलपुर रेफर किया गया है और स्थिति गंभीर है।
इसके बाद शनिवार को उसी स्कूल में कई बच्चों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। डॉक्टरों की टीम ने स्कूल पहुंचकर छात्रों की मेडिकल जांच की। जांच में 10 छात्रों और 2 छात्राओं में सर्दी, खांसी और बुखार के लक्षण मिले। सभी को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती किया गया। डेंगू और मलेरिया की रिपोर्ट निगेटिव आने के कारण पांच बच्चों के सैंपल जापानी इंसेफेलाइटिस वायरस की जांच के लिए लिए गए हैं। बीमारी का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। सभी बच्चों को डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।
पांच साल बाद प्रदेश में पहली मौत
प्रदेश में पांच साल बाद 10 अगस्त को जापानी इंसेफेलाइटिस वायरस से एक मासूम की मौत हुई थी। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती अजय (6 वर्ष), निवासी ग्राम बहेरा, जिला डिंडोरी को 6 अगस्त को अस्पताल में भर्ती किया गया था। पहली जांच में जापानी इंसेफेलाइटिस होने की आशंका जताई गई थी। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उसकी दूसरी जांच 72 घंटे बाद करवाई जानी थी, लेकिन जांच से पहले ही 10 अगस्त को उसकी मृत्यु हो गई।