नकली किन्नर बनकर रेल यात्रियों से करते थे सगे भाई जबरन वसूली
ट्रेन में किन्नर बनकर यात्रियों से जबरन वसूली करने वाले दो सगे भाइयों को आरपीएफ ने गिरफ्तार किया है। दोनों भाई सलवार सूट के नीचे लोवर-टीशर्ट पहनते थे। आरपीएफ टीम को देखकर वह सलवार सूट उतारकर लड़के बनकर यात्रियों के बीच बैठ जाते थे।
आरपीएफ थाना प्रभारी राजीव कर्वे के अनुसार सोमनाथ-जबलपुर ट्रेन के किन्नरों के द्वारा नरसिंहपुर-श्रीधाम के बीच जबरन वसूली किए जाने की शिकायत प्राप्त हुई थी। आरपीएफ की टीम ने मदन महल स्टेशन में सर्चिंग करते हुए दोनों किन्नरों का पकड़ा था। आरपीएफ टीम को उनके किन्नर होने पर शक हुआ तो उन्हें थाने लाकर पूछताछ की।
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पूछताछ के दौरान उन्होंने बताया कि वह दोनों सगे भाई हैं और मूलतः पन्ना जिले के निवासी हैं। उनका नाम उमेश कुमार दहायत तथा रजनीश कुमार दहायत है और वर्तमान में नरसिंहपुर जिले में किराये के मकान में रहते हैं। वे गत 6 माह से सतना से इटारसी के बीच नकली किन्नर बनकर यात्रियों के अवैध वसूली करते थे। रुपये नहीं देने पर वह यात्रियों के साथ गाली-गलौज व मारपीट भी करते थे। उन्होंने बताया कि उनकी गुरु काजल किन्नर है और वह प्रतिदिन उन्हें पांच सौ रुपये देते हैं। इसके अलावा गंगा किन्नर भी उनकी साथी है।
आरपीएफ से बचने के लिए वे सलवार सूट के नीचे पुरुष के कपड़े पहनते थे। आरपीएफ की टीम चेकिंग पर आती तो बाथरूम में जाकर कपड़े बदलकर लड़के बन जाते और यात्री बनकर लोगों के बीच में बैठ जाते थे। आरपीएफ ने दोनों सगे को गिरफ्तार करते हुए विधि अनुसार कार्यवाही की। उनके सहयोगी दोनों किन्नरों की तलाश जारी है।
नकली किन्नर बनकर रेल यात्रियों से करते थे सगे भाई जबरन वसूली