जबलपुर से एक ऐसा मामला सामने आया है कि जो भी सुनेगा, उसके पैरों तले जमीन सरक जाएगी। मामला ही कुछ ऐसा है। एक गर्भवती महिला की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। ससुराल वालों ने श्मशान घाट पर जलाने से पहले ढोल वाले से उसक पोस्टमॉर्टम करवा दिया। सिर्फ यह देखने के लिए पेट में बच्चा जिंदा है या मर गया है। बच्चा मरा हुआ था, इसलिए उसका अलग से अंतिम संस्कार किया गया।
जबलपुर में बरेला के पड़वार की रहने वाली राधा लोधी की शादी 24 अप्रैल 2021 को पनागर के गोपी पटेल के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही राधा को ससुराल वाले प्रताड़ित करने लगे थे। राधा ने इसकी जानकारी कई बार अपने मायके वालों को दी थी। राधा इन दिनों गर्भवती थी। बीते 17 सितंबर को उसकी संदिग्ध हालत में मौत हो गई। इसकी जानकारी राधा के मायके वालों को नहीं दी गई। सूचना पाकर मायके वाले मौके पर पहुंचे, लेकिन ससुराल वालों ने टालमटोल कर पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया।
ससुराल वालों ने राधा के मायके वालों को वापस भेज दिया। उन्होंने राधा के अंतिम संस्कार की तैयारी की। इस दौरान किसी परिचित को शवयात्रा में नहीं जाने दिया। शवयात्रा में ससुराल के लोग और कुछ रिश्तेदार ही शामिल हुए। श्मशान घाट पहुंचने के बाद राधा के ससुराल वालों ने सुनियोजित साजिश के तहत गांव में ढोल बजाने वाले को बुलाया। ससुराल वाले ये देखना चाहते थे कि मृतका के पेट में जो बच्चा है, वह जिंदा है या मर गया। इसलिए ढोल वाले से ब्लेड से ही मृतका के पेट की चीर-फाड़ करवा डाली।