मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की गई है, इसमें एक विधायक की बहन पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। याचिका में कोर्ट को बताया गया है कि टीकमगढ़ जनपद अध्यक्ष बनने के लिए विधायक की बहन द्वारा निर्वाचित महिला सदस्य का अपहरण करवाया है। साथ ही कहा है कि नामजद रिपोर्ट लिखवाने के बावजूद भी पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमथ तथा जस्टिस विशाल मिश्रा की युगलपीठ ने पुलिस को निर्देश किया है कि शिकायत की जांच कर विधि अनुसार कार्रवाई करें।
याचिकाकर्ता रामेश्वर यादव निवासी ग्राम घुवारा जिला छतरपुर की तरफ से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका में कहा गया था कि उसकी साली गुड्डी बाई पिता कमलेश टीकमगढ़ के क्षेत्र क्रमांक 19 से जनपद सदस्य निर्वाचित हुई थी। क्षेत्रीय भाजपा विधायक राकेश गिरी की बहन कल्याणी जनपद अध्यक्ष बनने के लिए निर्वाचित प्रत्याशियों पर दबाव बना रही थी। इसके कारण गुड्डी उसके घर आकर रुकी हुई थी। कल्याणी के लिए काम करने वाला सूरज महाराज 7 जुलाई को अपने 5-6 साथियों के साथ उनके घर पर आया और जबरदस्ती उसकी साली का अपहरण कर अज्ञात स्थान पर ले गया। फोन पर संपर्क करने के बाद भी साली से बातचीत नहीं करवाई।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि गुड्डी के अतिरिक्त अन्य 9 जनपद सदस्यों को कल्याणी गिरि ने बंधक बनाकर रखा हुआ है। ऐसी संभावना है दिनांक 27 जुलाई को अध्यक्ष पद के चुनाव के समय मतदान करवाने लाया जाएगा। क्षेत्रीय विधायक दबंग व्यक्ति हैं तथा सत्तारूढ़ पार्टी नेता हैं, इसलिए निर्वाचित सदस्यों के स्थान पर किसी अन्य व्यक्तियों से मतदान करवा सकते है। घटना के संबंध में उन्होंने संबंधित पुलिस चौकी, थाने के अलावा पुलिस अधीक्षक छतरपुर से शिकायत की थी। इसके अलावा उनके परिजनों ने एसपी टीकमगढ़, टीकमगढ़ कलेक्टर तथा चुनाव आयोग से भी कार्रवाई की मांग की थी। शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं होने के कारण उक्त याचिका दायर की गई है।
याचिका की सुनवाई के दौरान युगलपीठ को बताया गया कि नामजद रिपोर्ट करने के बावजूद भी पुलिस ने अपराध दर्ज नहीं किया है। युगलपीठ ने याचिका का निराकरण करते हुए अपने आदेश में कहा है कि शिकायत पर जांच कर आरोपियों के खिलाफ विधि अनुसार कार्रवाई करें। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय ने पैरवी की।