आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय मामले में सरकार को आंषिक राहत
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय मामले में सरकार को आंशिक राहत मिली है। हाईकोर्ट के जस्टिस आनंद पाठक व जस्टिस बीपी शर्मा की युगलपीठ ने सरकार की अपील पर सुनवाई करते हुए सिर्फ एरियर की राशि का भुगतान करने के आदेश जारी किए हैं। पूर्व में 6 प्रतिशत ब्याज दिए जाने के आदेश को निरस्त कर दिया है।
गौरतलब है कि पूर्व में मप्र बुलंद आवाज नारी शक्ति आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका संगठन भोपाल की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि 27 जून 2019 के बाद से केंद्र सरकार ने अपना अंशदान बढ़ाया, लेकिन राज्य सरकार ने अपने हिस्से में कटौती कर दी। इससे कार्यकर्ताओं को मिलने वाला कुल मानदेय बढ़ने के बजाय लगभग पहले जैसा ही रह गया। केंद्र की बढ़ी हुई सहायता का लाभ उन्हें नहीं मिल रहा है। हाईकोर्ट की एकलपीठ ने तीन फरवरी 2026 पारित आदेश में राज्य सरकार को 27 जून 2019 से पहले की व्यवस्था के अनुसार मानदेय बहाल करने तथा छह माह के भीतर ब्याज सहित एरियर देने के निर्देश जारी किए थे।
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इसके खिलाफ प्रदेश सरकार की तरफ से हाईकोर्ट में अपील दायर की गई थी। युगलपीठ ने अपील की सुनवाई करते हुए मानदेय बहाली और एरियर भुगतान के आदेश को सही ठहराया है। मूल याचिका में ब्याज देने का कोई पर्याप्त कानूनी आधार नहीं होने के कारण उसे निरस्त कर दिया है। युगलपीठ ने राज्य सरकार को अपने पूर्व अंशदान की व्यवस्था बनाए रखनी होगी तथा पात्र आंगनबाड़ी कर्मियों को ग्रेच्युटी का लाभ दिए जाने के आदेश जारी किए हैं।