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Jabalpur News: नर्सिंग फर्जीवाड़े पर हाईकोर्ट सख्त, रिजल्ट जारी करने पर रोक, काउंसिल से मांगी जानकारी

Thu, 09 Apr 2026 07:14 PM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर

सार

नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़े के मामले में हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए परीक्षा परिणाम जारी करने की अनुमति देने से इंकार कर दिया है। कोर्ट ने एमपी नर्सिंग काउंसिल से पूरी जानकारी तलब करते हुए सख्त रुख अपनाया है।
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हाईकोर्ट ने परीक्षा परिणाम घोषित करने की अनुमति देने से किया इंकार
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विस्तार
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नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़े से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की युगल पीठ ने शैक्षणिक सत्र 2022-23 के जेएनएम प्रथम वर्ष के परीक्षा परिणाम घोषित करने की अनुमति देने से इंकार कर दिया। साथ ही एमपी नर्सिंग काउंसिल को विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

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चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनस सराफ की युगल पीठ के समक्ष यह मामला आया। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि हाईकोर्ट के पूर्व आदेश के बावजूद अनसूटेबल कॉलेज के छात्रों को सूटेबल कॉलेज में स्थानांतरित नहीं किया गया है। इस पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए काउंसिल से पूरी जानकारी मांगी है।

गौरतलब है कि लॉ स्टूडेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष विशाल बघेल की ओर से दायर याचिका में आरोप लगाया गया था कि प्रदेश के कई नर्सिंग कॉलेज बिना मानकों के केवल कागजों पर संचालित हो रहे हैं। कई कॉलेजों के पास भवन तक नहीं हैं और एक ही कमरे में लैब व लाइब्रेरी चल रही है। इसके बावजूद उन्हें मान्यता दी गई है।
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इस मामले में हाईकोर्ट ने पहले ही नर्सिंग कॉलेजों की जांच सीबीआई को सौंपी थी। सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में कॉलेजों को सूटेबल, अनसूटेबल और आंशिक कमी वाली श्रेणियों में वर्गीकृत कर सूची कोर्ट में पेश की थी। इसके बाद कोर्ट ने अनसूटेबल कॉलेजों के छात्रों को सूटेबल कॉलेजों में स्थानांतरित करने के आदेश दिए थे।
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गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान एमपी नर्सिंग काउंसिल ने लगभग 30 हजार छात्रों के परीक्षा परिणाम घोषित करने की अनुमति मांगी थी लेकिन कोर्ट ने इसे मंजूरी नहीं दी। मामले में याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता आलोक बागरेचा ने पैरवी की।

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