पुलिस के मुताबिक, बस की क्षमता 32 सवारियों की थी, लेकिन इसमें 54 यात्री भर लिए गए थे। बस को अपने तय समय पर सुबह पांच बजे रवाना होना था, लेकिन ये सुबह तीन बजे रवाना हो गई।सीधी मार्ग पर छुहिया घाटी से होकर बस को सतना जाना था, लेकिन यहां जाम की वजह से ड्राइवर ने रूट बदल दिया। वह नहर के किनारे से बस ले जा रहा था।
सीधी बस हादसा : सुनहरे सपनों का भविष्य बनाने निकले थे, अब कभी नहीं लौटेंगे...
यह रास्ता काफी संकरा था और इसी दौरान ड्राइवर ने संतुलन खो दिया, जिसके चलते बस खाई में गिर गई। बस के नहर में गिरते ही ड्राइवर बालेंद विश्वकर्मा ने तैरकर अपनी जान बचा ली। वह रीवा जिले के हरदुया सेमरिया गांव का रहने वाला है। बता दें कि झांसी से रांची के जाने वाला हाईवे सतना, रीवा, सीधी और सिंगरौली होते हुए जाता है। यहां जगह-जगह सड़क खराब और अधूरी है। इस वजह से यहां आए दिन जाम की स्थिति रहती है।
पीएम ने अनुग्रह राशि की घोषणा की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीधी बस हादसे पर दुख जताया। साथ ही मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख रुपये की मुआवजा देने और गंभीर रूप से घायल लोगों को 50 हजार रुयये दिए जाने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने इसकी जानकारी दी।
गृह मंत्री शाह ने शिवराज से की बात
गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से बात की है। उन्होंने ट्वीट किया, 'मध्य प्रदेश के सीधी जिले में हुआ बस हादसा बहुत दुःखद है, मैंने मुख्यमंत्री शिवराज जी से बात की है। स्थानीय प्रशासन राहत व बचाव के लिए हर संभव मदद पहुंचा रहा है। मैं मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं व घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।
बस का परमिट रद्द
वहीं परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बस का परमिट रद्द कर दिया है। साथ ही ट्रांसपोर्ट कमिश्नर को इस हादसे की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। ये बस जबलानाथ परिहार ट्रेवल्स की थी। बस के मालिक कमलेश्वर सिंह हैं। मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि जांच में जो भी दोषी होगा छोड़ा नहीं जाएगा।