जबलपुर में बन रहे प्रदेश के सबसे बडे फ्लाईओवर में क्रैक आने से राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है। विपक्षी कांग्रेस नेता फ्लाईओवर निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहे हैं। उसके बाद अपर प्रमुख सचिव के नेतृत्व में फ्लाईओवर में आए क्रैक का निरीक्षण किया गया। फ्लाईओवर के जिस हिस्से में क्रैक आए हैं, उसे एक साल पहले ही यातायात के लिए खोला गया था।
गौरतलब है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने अपने बयान में कहा था कि पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह जबलपुर के हैं। उन्होंने फ्लाईओवर निर्माण में कमीशन लिया है। पीडब्ल्यूडी विभाग का मतलब ही 50 प्रतिशत कमीशन होता है। इसके अलावा सदन में विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने अपने एक्स पोस्ट में सरकार का निशाना साधते हुए लिखा था कि मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार की नई इबारत लिखी जा रही है।
विपक्ष के आक्रामक तेवर और फ्लाईओवर में क्रैक आने की घटना से सरकार पूरी तरह से बैकफुट में है। भ्रष्टाचार के आरोप से बचने के लिए अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई के नेतृत्व में गुरुवार को फ्लाईओवर का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ प्रमुख अभियंता राणा तथा मुख्य अभियंता डीएल वर्मा सहित पीडब्ल्यू विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
निरीक्षण के बाद अपर प्रमुख सचिव नीरज मंडलोई के बताया कि फ्लाईओवर के स्ट्रैक्चर और डिजाइन में कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि एक्सपेंशन जॉइंट में गैप आया है, गर्मी तथा सर्दियों के मौसम में 30 से 40 डिग्री का अंदर रहता है। इस कारण से 10 से 40 एमएम तक का एक्सटेंशन गैप आता है। सिर्फ ऊपर की तरफ में गैप है, अंदर से स्टील सीमेंट की मजबूत परत है।
उन्होंने कहा, गैप को भरने के लिए तकनीकी टीम का सहयोग लिया जाएगा। तकनीकी टीम क्रैक से पानी घुसने या दूसरी तरह की समस्याओं की जांच करेगी। क्रैक को थीनेल, डामर और थर्मल पेंट लगाकर भरा जाएगा, जिससे वाहन चालकों को किसी प्रकार की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके अलावा रोटरी के पास पत्थर इसलिए लगाए गए हैं कि तेज रफ्तार में आने वाले वाहन फिसले न और समय के साथ पत्थर सेट हो जाएंगे।