गोविंद सिंह राजपूत (फाइल फोटो)
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प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह राजपूत को हाईकोर्ट से राहत मिली है। हाईकोर्ट जस्टिस संजय द्विवेदी की एकलपीठ ने विधानसभा चुनाव के दौरान उनके खिलाफ धारा 188 के तहत दर्ज की गई एफआईआर को खारिज करते हुए विशेष अदालत में लंबित कार्रवाई को निरस्त कर दिया।
प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह राजपूत की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि विधानसभा चुनाव के दौरान अलीराजपुर कलेक्टर ने जिले में धारा 144 लागू की थी। जिले में बाहरी व्यक्ति को आकर चुनाव प्रचार करने पर रोक थी। इस दौरान वह कुछ अन्य लोगों के साथ अलीराजपुर जिले के जोबट क्षेत्र में घूम रहे थे। एक वॉट्सअप वीडियो के आधार पर उनके खिलाफ जोबट पुलिस थाने में प्रतिबंधात्मक आदेश के उल्लंघन करने पर धारा 188 के तहत एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद पुलिस ने इंदौर की विशेष कोर्ट (एमपी-एमएलए) में चालान पेश कर दिया।
याचिकाकर्ता की तरफ से दलील दी गई कि उनके द्वारा ऐसा कोई कार्य नहीं किया, जिससे कानून व्यवस्था का उल्लंघन हुआ हो। वह सिर्फ घूम रहे थे और किसी प्रकार का कोई चुनाव प्रचार नहीं कर रहे थे। राजनेता होने के कारण उनके खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। उन्होंने कोई आपराधिक कृत्य किया है। शासन की तरफ से तर्क दिया गया कि याचिकाकर्ता के खिलाफ अपराध बनता है। प्रकरण में जांच पूरी कर चालान न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया गया है। सुनवाई के बाद एकलपीठ ने याचिका को स्वीकार करते हुए उक्त आदेश जारी किए। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता अंकित सक्सेना ने पैरवी की।