मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (फाइल फोटो)
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सतना जिले की मैहर तहसील अंतर्गत ग्राम जरियारी स्थित शासकीय भूमि पर काबिज अतिक्रमण को नहीं हटाए जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमथ व जस्टिस विशाल मिश्रा की युगलपीठ ने याचिका की सुनवाई करते हुए अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
जरियारी निवासी टरकेश्वर तिवारी की तरफ से दायर याचिका में कहा गया है कि गांव की शासकीय जमीन पर दबंगों ने कब्जा कर रखा है। जबकि 2012 में तहसीलदार ने अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अप्रैल 2013 में दायर अपील भी खारिज हो गई। इतना ही नहीं वर्ष 2019 में सरकार ने पत्राचार कर उक्त जमीन खाली करने के लिए कहा गया। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई और अतिक्रमणकारी आज भी काबिज है।
मामले में प्रमुख सचिव राजस्व विभाग, कमिश्नर रीवा, सतना कलेक्टर, तहसीलदार मैहर, एसएचओं व रामबाई तिवारी को पक्षकार बनाया गया है। मामले की सुनवाई पश्चात् न्यायालय ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता आशीष रावत ने पक्ष रखा।