मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (फाइल फोटो)
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गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल द्वारा रेजिडेंट डॉक्टर पद के लिए रखी गई अनोखी शर्त को हाईकोर्ट में याचिका दायर कर चुनौती दी गई। याचिका में कहा गया है कि कॉलेज प्रबंधन ने उन्हीं के कॉलेज से डिग्री प्राप्त करने वालों को अवसर देने की शर्त रखी है। जबकि उक्त मेडिकल कॉलेज डेंटल कोर्स संचालित नहीं करता है। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमथ तथा जस्टिस विशाल मिश्रा की युगलपीठ ने सुनवाई के बाद अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
भोपाल निवासी डॉक्टर अंजना नाहर की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया था कि उन्होंने ऋषिराज मेडिकल कॉलेज से एमडीएस का कोर्स किया है। गांधी मेडिकल कॉलेज ने रेजिडेंट डॉक्टर पद के लिए नोटिफिकेशन जारी किया था। कॉलेज प्रबंधन के नियुक्ति नियम अनुसार उक्त कॉलेज से डिग्री लेने वालों को अवसर प्रदान किया जाएगा। याचिका में कहा गया था कि गांधी मेडिकल कॉलेज डेंटल कोर्स संचालित नहीं करता है। ऐसी स्थिति में वह उक्त कॉलेज से कैसे कोर्स कर सकती है।
इस नियम के खिलाफ उन्हें संबंधित चिकित्सा शिक्षा मंत्री, संचालक मेडिकल शिक्षा, आयुक्त भोपाल सहित अन्य को अभ्यावेदन दिया था। उनके अभ्यावेदन पर विचार नहीं किए जाने पर उक्त याचिका दायर की गई है। जिसके कारण उक्त याचिका दायर की गई है। याचिका में प्रमुख सचिव, संचालक चिकित्सा शिक्षा, आयुक्त भोपाल तथा डीन गांधी मेडिकल कॉलेज को अनावेदक बनाया गया था। एकलपीठ ने याचिका की सुनवाई के बाद अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।