मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस डीडी बंसल की एकलपीठ ने अतिशेष माध्यमिक शिक्षक के स्थानांतरण पर अंतरिम रोक लगा दी है। एकलपीठ ने आवेदक के अभ्यावेदन का 30 दिन के भीतर निराकरण करने के निर्देश दे दिए। जब तक अभ्यावेदन निराकृत नहीं होता वर्तमान स्थान पर पदस्थ रखने की राहतकारी व्यवस्था दे दी। इसी के साथ याचिका का पटाक्षेप कर दिया।
याचिकाकर्ता माध्यमिक शिक्षक एवं कर्मचारी संघ टीकमगढ़ के नेता महेश प्रसाद अहिरवार की ओर से अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि याचिकाकर्ता 50 प्रतिशत दिव्यांग है और अतिशेष नीति के अंतर्गत छूट की परिधि में आता है। साथ ही मान्यता प्राप्त कर्मचारी संघ का अध्यक्ष है। नियमानुसार पहले जो अतिशेष सूची प्रकाशित की गई थी, उसमें उसका नाम नहीं था, लेकिन बाद में जो अतिशेष सूची प्रकाशित की गई, जिसमें उसका नाम था। उसे सीधे काउंसलिंग में उपस्थित होने के लिए कहा गया।
साथ ही 50 किलोमीटर दूर स्थानांतरित कर दिया गया। यह रवैया नियम विरुद्ध होने के कारण चुनौती के योग्य है। ऐसा इसलिए भी क्योंकि आयुक्त लोक शिक्षण ने स्वयं अतिशेष नीति के अंतर्गत एक कमेटी गठित की है और आवेदक का आवेदन व डीईओ की अनुशंसा विचाराधीन है। इसलिए उसके अभ्यावेदन का निराकरण किया जाना चाहिए। सुनवाई पश्चात न्यायालय ने उक्त निर्देश दिये।