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MP High Court: निजी कॉलेजों में सातवां वेतनमान देने का मामला, उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव को किया तलब

Sat, 24 Jun 2023 07:51 PM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर

सार

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने निजी कॉलेजों में प्राध्यापकों को सातवां वेतनमान का लाभ देने के आदेशों का पालन नहीं किए जाने के मामले में उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव को तलब किया है। वित्त विभाग से भी जवाब मांगा गया है। 
 
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जबलपुर हाईकोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने निजी कॉलेजों के प्राध्यापकों को सातवें वेतनमान का लाभ देने के संबंध में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेशों का पालन नहीं होने के मामले को गंभीरता से लिया है। 

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मामले में शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान शासन की ओर से बताया गया कि प्रस्ताव वित्त विभाग के पास लंबित है। जस्टिस एमएस भट्टी की एकलपीठ ने पाया कि अभी तक प्राध्यापकों के अभ्यावेदन पर निर्णय नहीं लिया गया। एकलपीठ उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव को अगली सुनवाई के दौरान उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं। वित्त विभाग के प्रमुख सचिव को सातवें वेतन आयोग का लाभ देने के प्रस्ताव पर लिए गए निर्णय के संबंध में जवाब पेश करने कहा है। 

मामले में अगली सुनवाई 28 जुलाई को होगी। मध्य प्रदेश अशासकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ के अध्यक्ष ज्ञानेंद्र त्रिपाठी व डीएन जैन कॉलेज जबलपुर के सहायक प्राध्यापक डॉ. शैलेश कुमार जैन ने कहा कि दो फरवरी 2022 को हाईकोर्ट ने इस निर्देश के साथ मामले का निराकरण किया था कि मध्य प्रदेश शासन, उच्च शिक्षा विभाग 90 दिन के भीतर सातवां वेतनमान देने के संबंध में विचार कर समुचित निर्णय ले। इस आदेश का अब तक पालन नहीं हुआ है। 
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सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश के अनुदान प्राप्त निजी कॉलेजों के प्राध्यापकों को शासकीय महाविद्यालयों के समान वेतनमान देने का आदेश दिया है। इस मामले में शासन की ओर से जवाब में बताया गया कि उच्च शिक्षा विभाग ने 20 अप्रैल 2023 को सातवें वेतनमान का लाभ देने का प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा है। इसके बाद 31 मई 2023 का पत्र प्रस्तुत किया गया, जिसमें उक्त प्रस्ताव को स्वीकृत किया गया है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अभय पांडे ने पक्ष रखा।

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