जबलपुर में महाराजपुर सार्वजनिक पार्क पर तहसीलदार द्वारा निर्माण कार्य पर लगाई गई रोक के बावजूद मंदिर निर्माण किए जाने को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। याचिका की सुनवाई के दौरान नगर निगम की तरफ से जवाब पेश करने के लिए समय प्रदान करने का आग्रह किया गया। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय मलिमठ व जस्टिस विशाल मिश्रा की युगलपीठ आग्रह को स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई शीतकालीन अवकाश के बाद निर्धारित की है।
बता दें कि जबलपुर के महाराजपुर निवासी अपर्णा कोल व अन्य की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि महराजपुर हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित सार्वजनिक पार्क पर अतिक्रमण करके मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। उनकी शिकायत पर उद्यान अधिकारी एवं तहसीलदार द्वारा स्थगन आदेश जारी किया गया था। इसके बावजूद भी पार्क पर मंदिर का निर्माण करके भगवान शिव जी की प्रतिमा स्थापित कर दी गई। जबकि हाईकोर्ट ने सार्वजनिक पार्क व सड़क पर अतिक्रमण कर मंदिर बनाए जाने पर रोक लगाते हुए उन्हें हटाने के आदेश दिए हैं।
पार्क में अवैध रूप से निर्माण की शिकायत के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया। याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने मप्र शासन, जबलपुर कलेक्टर व नगर निगम जबलपुर को नोटिस जारी कर जवाब पेश मांगा था। याचिका पर मंगलवार को हुई सुनवाई के बाद युगलपीठ ने नगर निगम को जवाब पेश करने मोहलत प्रदान करते हुए आदेश जारी किए। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय ने पक्ष रखा।