जबलपुर के पास खितौला थाना क्षेत्र स्थित एक स्मॉल फाइनेंस बैंक में हुई डकैती के मास्टरमाइंड राजेश दास और सोना छिपाने में मदद करने वाले इंद्रजीत दास को बिहार पुलिस ने गयाजी जिले से गिरफ्तार किया है। इसके बाद इन दोनों को जबलपुर लाया गया। मास्टरमाइंड राजेश एक दर्जन से अधिक बैंक डकैतियों को अंजाम दे चुका है। पुलिस ने आरोपी के पास से तीन किलो सोना बरामद किया है। बैंक डकैती में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार, राजेश के ऊपर कई बैंकों में डकैती डालने के आरोप है। वो मूल रूप से बिहार का रहने वाला है। उसने पिछले 14 साल में सासाराम,जमुई,पुरुलिया,रायगढ सहित अन्य स्थानों में एक दर्जन से अधिक बैंकों में डकैती डाली है। वो कई बार जेल जा चुका है। रायगढ़ जेल से वो 18 जून को बाहर निकला इसके बाद उसने खितौला की जेल को अपना निशाना बनाया। राजेश ही दास गैंग चलाता है।
चार राज्यों की पुलिस ने सुलझाया केस
मध्य प्रदेश पुलिस को जब राजेश के इस गैंग में शामिल होने की जानकारी लगी, तो उत्तर प्रदेश, झारखंड और बिहार की पुलिस को राजेश के बारे में बताया गया। जबलपुर पुलिस ने इसके ऊपर 30 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। एमपी पुलिस से जानकारी मिलने के बाद बिहार और झारखंड पुलिस सक्रिय हुई। झारखंड पुलिस ने डकैती से मिले सोने को ठिकाने लगाने वाले गैंग के सदस्य इंद्रजीत दास पर शिकंजा कसा। उसे गुरुवा थाना इलाके से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने जब इंद्रजीत से कड़ाई से पूछताछ की तो उसने राजेश रवि दास का नाम उगल दिया। पुलिस को राजेश के गयाजी जिले में डोभी थाना इलाके में होने की सूचना मिली। जहां से उसे गिरफ्तार किया गया।
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