बेसुध बाघ की सूचना पर टीम हाथियों के साथ मौके पर पहुंची।
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मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले के स्थित कान्हा राष्ट्रीय उद्यान के समीप स्थित ग्राम पंचायत कोहका बैहर में एक बाघ की मौत हो गई। बाघ के शरीर पर चोट के निशान थे और उसकी आयु लगभग 15 साल थी। संभवतया ये चोट बाघों के संघर्ष के दौरान लगी होंगी। बाघ कमजोरी के कारण चल पाने की स्थिति में नहीं था। वह नाले के किनारे बेसुध मिला था।
जानकारी के अनुसार बालाघाट जिले के बैहर तहसील से लगे कान्हा राष्ट्रीय पार्क से लगभग 5 किमी दूर ग्राम पंचायत कोहका में रविवार सुबह लगभग 11 बजे नाले के पास घायल नर बाघ दिखाई दिया था, जिसके कारण हड़कंप मच गया। देर रात तक बाघ नाले के किनारे बेसुध अवस्था में पड़ा रहा। उनके शरीर पर चोट के निशान दिखने के बाद ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग और कान्हा प्रबंधन को दी। इसके पश्चात मौके पर पहुंचकर बाघ को बचाने की पूरजोर कोशिश की गई परंतु शाम 7.30 बजे के आसपास बाघ की मौत हो गई। बाघ टी-30 उमरपानी के नाम से पहचाना जाता था।