जबलपुर के तिलवारा थाना क्षेत्रातंर्गत एक नाबालिग को शादी का प्रलोभन देकर बार-बार उससे दुष्कर्म करने के आरोपी पवन उर्फ पारस यादव को पॉक्सो की विशेष अदालत ने दोषी करार दिया है। उसे तिहरा आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है। अदालत ने आरोपी पर तीन हजार रुपये का अर्थदंड लगाते हुए एक लाख रुपये की प्रतिकर राशि पीड़िता को प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।
अदालत को अतिरिक्त लोक अभियोजन अधिकारी स्मृतिलता बरकड़े ने बताया कि पुलिस लाइन में पदस्थ निरीक्षक गणेश तोमर को 21 जुलाई 2020 को कंट्रोल रूम के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि थाना तिलवारा क्षेत्र के नाबालिक लड़की गर्भवती हालत में मेडिकल कॉलेज में में लाई गई है। सूचना प्राप्त होने पर मेडिकल कॉलेज पहुंचकर गायनिक वार्ड में भर्ती उत्तरजीवी से पूछताछ की गई। इसमें पता चला कि 16 जुलाई 2019 से 16 मार्च 2020 के बीच पवन यादव द्वारा शादी का प्रलोभन देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। पवन यादव उससे हर महीने एक बार मिलता था और उसके साथ गलत काम करता था और उससे कहता था कि उससे शादी करूंगा। डर की वजह से उत्तरजीवी ने उक्त बात अपने माता-पिता को नहीं बताई थी। उसके माता-पिता 21 जुलाई 2020 को नाबालिग को ब्लीडिंग होने पर मेडिकल अस्पताल लेकर आए, तब उसके गर्भवती होने का पता चला। शिकायत पर पुलिस ने दुराचार, पॉक्सो व एसटी-एससी सहित अन्य धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर अदालत के समक्ष चालान पेश किया। सुनवाई दौरान पेश किए गए गवाह व साक्ष्यों को मद्देनजर रखते हुए अदालत ने आरोपी को उक्त सजा से दंडित किया।