जबलपुर के सिहोरा में सहायक कलेक्टर तथा एसडीएम के पद पर पदस्थ युवा महिला आईएएस अधिकारी को माइनिंग डंपिंग यार्ड का निरीक्षण करना भारी पड़ गया। कथित तौर पर माइनिंग डंपिंग यार्ड में भाजपा के एक कद्दावर नेता पार्टनर हैं। महिला आईएएस अधिकारी दिन के समय निरीक्षण के लिए पहुंची थीं और शाम को स्थानांतरण का आदेश पहुंच गया।
अर्चना कुमारी 2021 बैच की आईएएस अधिकारी हैं और प्रशिक्षण के दौरान उनकी नियुक्ति सहायक कलेक्टर और एसडीएम सिहोरा के पद पर की गई थी। जिला प्रशासन तथा पुलिस को शिकायत मिली थी कि माइनिंग डंपिंग यार्ड के चारों तरफ भारी वाहन अडाकर नाली खोद दी गई है। शिकायत की जांच के लिए माइनिंग, राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम गठित की गई थी। संयुक्त टीम जांच के लिए माइनिंग डंपिंग यार्ड पहुंची थी।
कथित तौर पर डंपिंग यार्ड में भाजपा के एक कद्दावर नेता की पार्टनर सीट है, जिसकी जानकारी मिलने पर भाजपा के नेता जो विधायक भी हैं, उसने महिला आईएएस अधिकारी निरीक्षण को फोन कर धमकाया था। इसके बाद शाम को महिला का स्थानांतरण आदेश जारी हो गया।
डंपिंग यार्ड की जमीन के मालिकाना हक को लेकर विवाद
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, डंपिंग यार्ड की जमीन के मालिकाना हक को लेकर विवाद चल रहा है। कटनी जिले से एक विधायक डंपिंग यार्ड के पार्टनर बताए जाते हैं। विधायक ने प्रदेश भाजपा संगठन के महत्वपूर्ण पद में विराजमान तथा क्षेत्र के सांसद से सम्पन्न कर युवा महिला आईएएस अधिकारी का स्थानांतरण करवाया है। स्थानांतरण आदेश प्राप्त होते ही उन्हें तत्काल रिलीव भी कर दिया गया। इस संबंध में महिला आईएएस अधिकारी से संपर्क किया गया तो उन्होंने ट्रेन में होने के कारण बात करने में असमर्थता व्यक्त की।