सैलून कर्मी से शातिरों ने की ठगी।
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जबलपुर में डिजिटल अरेस्ट का पहला मामला सामने आया है, जहां साइबर ठगों ने एक सैलून कर्मचारी को पुलिस अधिकारी बनकर धमकाते हुए 6 घंटे तक फंसा रखा। ठगों ने युवक पर अश्लील वीडियो शेयर करने का आरोप लगाकर 15 साल की सजा और केस फाइल तैयार होने का डर दिखाया।
सुबह 11 बजे शुरू हुए इस घटनाक्रम में आरोपियों ने 24 हजार रुपये मांगने के लिए लगातार दबाव बनाया। युवक को पहले 14,500 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया गया। ठगों ने क्यूआर कोड के माध्यम से पैसे ट्रांसफर करने की हिदायत दी और 2000-2000 रुपये की सात किश्तों में रकम ऐंठी। 6 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट रखा।
दूसरी बार और पैसे मांगे जाने पर पीड़ित ने हिम्मत दिखाते हुए डीआईजी कार्यालय जाकर शिकायत दर्ज कराई। डीआईजी तुषार कांत विद्यार्थी ने मामले को व्यक्तिगत रूप से संभाला। डीआईजी ने खुद को पीड़ित बताकर आरोपियों से बातचीत की और खाते में ट्रांसफर की गई रकम को फ्रीज करवा दिया। इसके साथ ही डीआईजी ने ठगों को अपनी पहचान बताई, जिसके बाद ठगों ने फोन काट दिया। डीआईजी की सूझबूझ से न केवल शेष राशि लुटने से बचाई गई, बल्कि पीड़ित को 7,500 रुपये की वापसी भी करवाई गई।