जबलपुर में महाकौशल चैंबर ऑफ कॉमर्स के उपाध्यक्ष तथा चंडोक मशीनरीज के मालिक राजेश चंडोक को जिला न्यायालय ने तीन महीने के कारावास की सजा से दंडित किया है। जिला न्यायाधीश यशवंत मालवीय ने ट्रिब्यूनल द्वारा पारित डिग्री के बावजूद राशि अदा नहीं करने पर दंडित किया है।
महाकौशल चैंबर ऑफ कॉमर्स के उपाध्यक्ष तथा चंडोक मशीनरीज के मालिक राजेश चंडोक से व्यावसायिक राशि की वसूली के लिए कटनी की मेसर्स एस एन संडरसने एंड कंपनी ने आर्बिटेशन ट्रिब्यूनल में याचिका दायर की थी। ट्रिब्यूनल ने अगस्त 2017 को आदेश पारित किया था कि अनावेदक राजेश चंडोक तीन करोड़ 44 लाख 47 हजार रुपये की राशि साल 2014 से नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ याचिकाकर्ता फर्म को अदा करें।
ट्रिब्यूनल के उक्त आदेश के खिलाफ राजेश चंडोक ने दिल्ली उच्च न्यायालय में अपील दायर की थी। दिल्ली हाईकोर्ट ने दिसंबर 2018 को उनकी अपील खारिज कर दी थी, जिसके बाद याचिकाकर्ता फर्म ने ट्रिब्यूनल के आदेश के निष्पादन के लिए जिला न्यायालय जबलपुर की शरण ली थी। सुनवाई के दौरान राजेश चंडोक की तरफ से न्यायालय को बताया गया कि उन पर दो बैंकों का कर्ज है। एक सीसी लिमिट तथा दूसरा हाउसिंग लोन है। उक्त संपत्ति के अलावा उनके पास कोई संपत्ति नहीं है, जिसे बेचकर वे कर्ज चुका सकें। सुनवाई के बाद न्यायालय ने दोषी पाते हुए उन्हें सजा से दंडित किया।