जबलपुर में अवैध कॉलोनी काटकर लोगों और शासन को कथित बिल्डर द्वारा चूना लगाया जा रहा है।शिकायत पर एसडीएम ने जमीन के क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी है। इसके बावजूद भी जमीन के नामांतरण की प्रक्रिया जारी है।
पीड़ित रोहित जैन ने बताया, ग्राम सहजपुर में आनंद जैन और उनके परिवार के सदस्य कॉलोनी बना रहे हैं। कॉलोनी में 10,260 वर्ग फीट जमीन खरीदने का रजिस्टर एग्रीमेंट आनंद जैन व उनके परिवार के अन्य सदस्यों से किया था। एग्रीमेंट के अनुसार, रेरा तथा टीएनपीसी की एनओसी सहित नाली-सड़क बनाकर देने का उल्लेख था। जमीन खरीदने का एग्रीमेंट 75 लाख रुपये में हुआ था, जिसमें से 10 लाख रुपये उसके द्वारा चेक के माध्यम से दिए गए थे।
जब उसे ज्ञात हुआ कि कॉलोनी बनाने वालों के पास कॉलोनाइजर लाइसेंस नहीं है। रेरा तथा कॉलोनाइजर नियमों का अवहेलना कर अवैध प्लाटिंग की गई है। अवैध प्लाटिंग करने वालों के खिलाफ अपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग करते हुए एसडीएम शाहपुरा के समक्ष आवेदन किया था। तहसीलदार तथा पटवारी ने अपने जांच प्रतिवेदन में उसके आरोपों को सही पाया था। एसडीएम ने जमीन के क्रय-विक्रय पर रोक लगाते हुए छह नवंबर 2023 को कॉलोनी सेल के समक्ष प्रस्तुत करने के आदेश जारी किए थे।
इस आदेश के बावजूद भी आनंद जैन व अन्य ने उससे एग्रीमेंट की जमीन को छल पूर्वक किसी अन्य व्यक्ति को विक्रय कर दी। वह भी सिर्फ लगभग 13 लाख रुपये में बेचकर शासन को स्टॉम्प ड्यूटी की राशि भी कम अदा की, जिसका नामांतरण उसकी तहसीलदार द्वारा आठ दिसंबर 2023 को किया गया, जिसने एसडीएम के समक्ष पेश अपने प्रतिवेदन में कॉलोनी को अवैध माना था। इस तरह अवैध कॉलोनी बनाकर लोगों व शासन को चूना लगाया जा रहा है।