नेताजी सुभाष चंद्र बोस केंद्रीय जेल जबलपुर
- फोटो : सोशल मीडिया
नेताजी सुभाष चंद्र बोस केंद्रीय जेल जबलपुर के अंदर का एक वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो दस प्रतिशत कमीशन देने पर जेल में निरूध्द कैदियों तक रुपये पहुंचाने का है। जेल प्रशासन द्वारा वायरल वीडियो में दिख रहे सजा से दंडित हुए कैदियों के खिलाफ जेल अपराध के तहत कार्रवाई की गई है।
वायरल वीडियो में मुलाकात विंग में सजा से दंडित बैठे एक कैदी को साढ़े चार हजार रुपये दिये जाते है। बंदी नोट गिरने के बाद साढ़े चार हजार रुपये बताता है। इसके बाद पांच सौ और दिए जाते हैं, जो जेल के अंदर निरूध्द कैदी तक राशि पहुंचाने का कमीशन होता है। वीडियो वायरल होने के बाद जेल प्रशासन में हडकंप मच गया।
जेल उपाधीक्षक मदन कमलेश ने बताया कि वायरल वीडियो में सजा से दंडित कैदी नागेन्द्र तथा खुली जेल में रहने वाला कैदी अजियार सिंह हैं। नागेन्द्र को बंदियों के लिए परिजनों से मिलने वाले कपड़े लेने के लिये ड्यूटी में तैनात किया गया था। वायरल वीडियो में उजियार सिंह दूसरे बंदी नागेन्द्र को रुपये देते हुए दिख रहा है, जिसे गिना भी जाता है। जो कि पांच-पांच सौ के नौ हैं, जिसके बाद अलग से पांच सौ का नोट दिया जाता है, जो कि कमीशन का बताया जा रहा है। वहीं, उसके साथ ही एक पर्ची दी जाती है।
उन्होंने बताया कि जेल के अंदर जाने वाले सामान सहित व्यक्तियों की जांच होती है। वीडियो वायरल होने के बाद जेल में सर्चिंग की गई, परंतु कोई मोबाइल नहीं मिला। जेल अपराध के तहत वीडियो में दिखने वाले कैदियों को दंडित किया गया है। कैदी उजियार सिंह को खुली जेल से हटाकर बंद जेल भेज दिया गया है। कैदी नागेन्द्र की सजा में मिलने वाली छुट को समाप्त कर दिया गया है।