स्लीमनाबाद थाना क्षेत्र में साल 2021 में किशोरी से दुष्कर्म मामला समाने आया था, जिस पर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया गया था। लेकिन फॉरेंसिक रिपोर्ट हाईकोर्ट के समक्ष प्रस्तुत नहीं की गई तो इस पर कोर्ट ने थाना प्रभारी संजय दुबे की गंभीर लापरवाही मानी।
बता दें, पूरे मामले पर आरोपी द्वारा जमानत के लिए आवेदन लगाया गया है। मंगलवार को जब हाइकोर्ट ने प्रकरण की सुनवाई की तो पता चला कि अभी तक इस मामले में पुलिस ने एफएसएल रिपोर्ट ही नहीं लगाई है, जिस पर थाना प्रभारी को कड़ी फटकार लगाते हुए एसपी सुनील जैन और टीआई समेत अन्य पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने के निर्देश दिए।
पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार जैन ने न्यायालय के समाने बताया, 25 अक्टूबर 2021 को फॉरेंसिक रिपोर्ट एसपी कार्यालय को प्राप्त हुई थी। एसपी कार्यालय से यह रिपोर्ट स्लीमनाबाद थाना प्रभारी को 27 अक्टूबर 2021 को ही भेज दी गई थी। इसके बाद भी रिपोर्ट न्यायालय में नहीं लगाई गई तो थाना प्रभारी की गलती है।
इसलिए मेरे द्वारा इन्हें लाइन हाजिर करने के साथ ही जांच करवाई जा रही है। इस पर हाइकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, लाइन से क्या होगा। कहीं से जुगाड करके आ जाएंगे। जांच से पहले सस्पेंड कीजिए, इस तरह ये कोर्ट का समय बर्बाद नहीं कर सकते, मेजर पेनाल्टी के लिए कमेटी बनाइए। यह भविष्य में कभी भी गंभीर सेंसेटिव पोस्ट धारण करने के लिए अयोग्य लिख दिया जाए।