जबलपुर की संगमरमरी पहाड़ियों के लिए प्रसिद्ध भेड़ाघाट व धुआंधार मार्ग में फुटपाथ में दुकान लगाकर अतिक्रमण किए जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी। याचिका में कहा गया था कि फुटपाथ में अतिक्रमण के कारण पर्यटकों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ता है। हाईकोर्ट जस्टिस शीलू नागू तथा जस्टिस वीरेन्द्र सिंह की युगलपीठ ने याचिका का निराकरण करते हुए कहा है कि पुलिस व राजस्व विभाग के सहयोग से फुटपाथ में लगने वाली दुकानों को हटाया जाए।
शिल्पकार संघ धुआंधार की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि नर्मदा नदी में संगमरमरी पहाड़ियों के लिए प्रसिद्ध भेड़ाघाट में नौका विहार तथा धुआंधार को देखने के लिए पर्यटन सीजन में बड़ी संख्या देश-विदेश से लोग आते हैं। भेड़ाघाट व धुआंधार के मार्ग पर फुटपाथ में लोग दुकानें लगा लेते हैं। इसके कारण रास्त संकरा हो जाता है और आवाजाही में लोगों को परेशानी होती है।
याचिका में कहा गया था कि वैधानिक तौर पर दुकान लगाने वाले टैक्स अदा करते हैं। अतिक्रमण कर दुकान लगाने वाले किसी तरह का टैक्स नहीं देते हैं। जिसके कारण राजस्व का नुकसान तथा वैध दुकानदारों को नुकसान होता है। याचिका का निराकरण करते हुए युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि फुटपाथ में अतिक्रमण कर दुकान लगाने वालों के खिलाफ पुलिस व राजस्व विभाग के सहयोग से कार्रवाई करे। मुख्य कार्यपालक नगर पंचायत ऐसा करने में असमर्थ रहते हैं तो जिला कलेक्टर आदेश का पालन सुनिश्चित करें। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता सतीष वर्मा ने पैरवी की।