ईडब्ल्यूएस कोटे का लाभ नहीं दिए जाने के मामले में दायर याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमठ तथा जस्टिस विशाल मिश्रा की युगलपीठ ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। दतिया निवासी प्रदीप कुमार गुप्ता तथा रायसेन निवासी दीपक कुमार शर्मा की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि उन्होंने ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थी के रूप में साल 2018 में आयोजित हाईस्कूल टीचर पात्रता परीक्षा में शामिल हुई है।
उन्होंने पात्रता परीक्षा उर्त्तीण कर ली थी और वह नियुक्त का इंतजार कर रहे थे। सरकार द्वारा 17 हजार पदों पर नियुक्ति के लिए नोटिफिकेशन जारी किया गया था, जिसमें से सिर्फ 8,470 पदों पर नियुक्तियां की गई है। ईडब्ल्यूएस की लगभग 90 प्रतिशत पद रिक्त हैं। याचिकाकर्ता की तरफ से पैरवी करते हुए अधिवक्ता आदित्य संघी ने युगलपीठ को बताया, नियुक्त अनुसार ईडब्ल्यूएस की सीट को बैकलॉक में नहीं डाल सकते हैं।
सरकार ने नियुक्ति के समय नियमों में बदलाव कर दिया और ईडब्ल्यूएस की सीट पर अन्य वर्गों को नियुक्ति प्रदान कर रहे हैं। ऐसा सिर्फ घटिया राजनीति के कारण किया जा रहा है। याचिका की सुनवाई के बाद युगलपीठ ने प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा विभाग, आयुक्त डीपीआई तथा व्यवसायिक परीक्षा बोर्ड को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।