ठग ने बार-बार किया कॉल
कुछ देर बाद उसी नंबर से फिर कॉल आया, पर प्रदीप ने रिसीव नहीं किया। लेकिन, बार-बार आने पर प्रदीप ने कॉल रिसीव किया और बुजुर्ग को नहीं पहचानने की बात कहकर कॉल कट कर दिया। इसके बाद उसके फोन पर खाते में एक रुपये क्रेडिट (जमा) होने का मैसेज आया और फिर लगातार दो मैसेज रुपये विड्रोल (निकालने) करने के आए। किसी ने उनके खाते से पहली बार में एक लाख और दूसरी बार में एक लाख 10 हजार रुपये निकाले गए थे।
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नेट बैंकिंग शुरू कर रुपये किए ट्रांसफर
खाते से दो लाख 10 हजार रुपये कटने के बाद प्रदीप कैनरा बैंक पहुंचे और घटना की जानकारी दी। इसके बाद उन्हें ठगी का पता चला। प्रदीप ने बताया कि वे नेट बैंकिंग का उपयोग नहीं करते हैं। फोटो के जरिए ठग ने उनका मोबाइल हैक कर नेट बैंकिंग शुरू की और हैदराबाद के एक बैंक खाते में रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद इन पैसों को वहां के एक एटीएम से निकाला गया है। पीड़ित प्रदीप ने साइबर सेल और कोतवाली थाने में ठगी की शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कैसे की फोटो भेजकर ठगी?
इस साइबर ठगी में स्टेग्नोग्राफी तकनीक का इस्तेमाल किया गया, जिसमें किसी फाइल के अंदर एक और फाइल, एप्लिकेशन या कोडिंग छिपी होती है। जिसे खोलते या डाउनलोड करते ही आपका मोबाइल हैक हो जाता है। इससे आपके ओटीपी, मैसेज और अन्य सभी जानकारी साइबर ठग तक आसानी तक पहुंचते हैं।
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कैसे बचें स्टेग्नोग्राफी से होने वाली ठगी से?
- अनजान लोगों द्वारा भेजी गई फाइल या फोटो डाउनलोड न करें।
- यदि कोई फोटो जरूरत से ज्यादा बड़ी साइज की दिखे, तो सतर्क रहें।
- मोबाइल और बैंकिंग ऐप्स को हमेशा अपडेट रखें।
- संदिग्ध लिंक या अटैचमेंट पर क्लिक करने से बचें।