एसडीओपी सिहोरा पारूल शर्मा ने बताया कि जिले के मझौली में 14 साल की किशोरी अपने माता-पिता और छोटे भाई-बहन के साथ रहती है। कुछ महीने पहले बच्ची के नाना का निधन होने पर उसकी मां और भाई-बहन अपनी ननिहाल चले गए थे। इस दौरान नाबालिग किशोरी और उसका पिता घर में अकेले थे। इसी का फायदा उठाकर पिता ने अपनी बेटी के साथ लगातार दुष्कर्म किया। बीती चार जुलाई को उसके पेट में तेज दर्द होने पर उसे मेडिकल अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। इस दौरान डॉक्टर ने जांच में पाया कि वह चार महीने की गर्भवती है।
अस्पताल की ओर से मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने पीड़िता के पिता से पूछताछ की तो उसने पुलिस को गुमराह कर दिया। कहा कि कुछ महीने पहले वह परिवार के साथ काम करने के लिए गुजरात गया था। इस दौरान बेटी के साथ दुष्कर्म की घटना हुई थी। इस पर पुलिस ने शून्य के तहत केस दर्ज कर डायरी जांच के लिए गुजरात पुलिस को भेज दी थी। जांच के दौरान पुलिस ने पीड़िता के पिता की मोबाइल लोकेशन निकाली तो वह भी हैरान रह गई। पता चला कि पीड़िता का पिता कभी गुजरात गया ही नहीं थी, वह जबलपुर में ही था। ऐसे में पुलिस को पीड़िता के पिता पर ही शक हुआ।
इसके बाद पुलिस ने पीड़िता से पूछताछ की तो उसने पूरी आपबीती सुना दी। उसके बयान के आधार पर पुलिस ने आरोपी पिता के खिलाफ पॉस्को समेत अन्य धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया। न्यायालय के आदेश पर उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। वहीं, एमटीपी अधिनियम के तहत नाबालिग का गर्भपात करवा दिया गया है।