जबलपुर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमठ तथा जस्टिस विशाल मिश्रा की युगलपीठ ने याचिका की सुनवाई के बाद बार काउसिंल ऑफ इंडिया के सचिव को नोटिस तामिल करवाने के निर्देश रजिस्ट्री को जारी किए हैं। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में एलएलबी के छात्र रोहित पाल सहित अन्य छात्रों ने साल 2014 में हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र लिखा था, जिसमें कहा गया था कि विश्वविद्यालय में फैक्लटी सहित अन्य सुविधाएं नहीं हैं।
बता दें कि पत्र को जनहित याचिका का दर्जा देकर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने सुनवाई के निर्देश दिए थे। याचिका की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कई निर्देश भी जारी किए थे। पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा था कि ऐसा लग रहा है कि पिछले 10 साल से न्यायालय लॉ कोर्स संचालित कर रहा है। इसे समाप्त करने का समय आ गया है। बार काउसिंल ऑफ इंडिया के निरिक्षण के बाद कैसे मान्यता प्रदान की जाती है। हाईकोर्ट ने बार काउसिंल ऑफ इंडिया के सचिव को अनावेदक बनाते हुए नोटिस जारी करने के निर्देश दिये थे।
याचिका पर सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान बार काउसिंल ऑफ इंडिया की तरफ से कोई जवाब पेश नहीं किया गया। याचिका में कोर्ट मित्र नियुक्त किए गए वरिष्ठ अधिवक्ता नमन नागरथ ने युगलपीठ के समक्ष एक आवेदन पेश किया, जिसमें कहा गया कि विश्वविद्यालय अपने स्तर पर भर्ती प्रक्रिया करती है। प्रदेश के सभी विश्वविद्यालय में फैक्लटी के लगभग 75 प्रतिशत पद रिक्त हैं। इन पदों की भर्ती का दायित्व एमपीपीएससी को सौंपा जाए। युगलपीठ ने सुनवाई के बाद रजिस्टी को निर्देश किया है कि वह बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सचिव को नोटिस तामिल करवाए।