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MP High Court: लोक सेवकों के वेतन की जानकारी आरटीआई में देना अनिवार्य, हाईकोर्ट का अहम आदेश

Wed, 01 Jan 2025 09:37 PM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर

सार

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस विवेक अग्रवाल की एकलपीठ ने अपने अहम आदेश में कहा है कि सूचना का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत लोक सेवकों के वेतन की जानकारी देना अनिवार्य है। यह जानकारी सार्वजनिक महत्व की है।
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मध्यप्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस विवेक अग्रवाल की एकलपीठ ने अपने अहम आदेश में कहा है कि सूचना का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत लोक सेवकों के वेतन की जानकारी देना अनिवार्य है। यह जानकारी सार्वजनिक महत्व की है, जिसे गोपनीय मानकर मना नहीं किया जा सकता। इसलिए सूचना आयोग और लोक सूचना अधिकारी द्वारा पूर्व में पारित आदेश निरस्त किया जाता है। एकलपीठ ने याचिकाकर्ता द्वारा अपेक्षित जानकारी एक माह के भीतर प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।

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याचिकाकर्ता छिंदवाड़ा निवासी एमएम शर्मा की ओर से अधिवक्ता नित्यानंद मिश्रा ने पक्ष रखा। जिन्होंने बताया कि लोक सेवकों के वेतन की जानकारी को सार्वजनिक करना सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा-4 के तहत अनिवार्य है। लोक सेवकों के वेतन की जानकारी को धारा 8 (1) (जे) का हवाला देकर व्यक्तिगत या तृतीय पक्ष की सूचना बताकर छिपाना अधिनियम के उद्देश्यों और पारदर्शिता के सिद्धांतों के विपरीत है। याचिकाकर्ता ने वन परिक्षेत्र छिंदवाड़ा में कार्यरत दो कर्मचारियों को हुए वेतन भुगतान के संबंध में जानकारी मांगी थी।

इस पर लोक सूचना अधिकारी ने सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा का हवाला देते हुए जानकारी को निजी और तृतीय पक्ष की जानकारी बताते हुए मना कर दिया। यह भी तर्क दिया गया कि संबंधित कर्मचारियों से उनकी सहमति मांगी गई थी, लेकिन उत्तर न मिलने के कारण जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जा सकती। इसके खिलाफ हाईकोर्ट में उक्त याचिका दायर की गई थी। हाईकोर्ट की एकल पीठ ने याचिका की सुनवाई करते हुए पूर्व में पारित आदेशों को निरस्त करते हुए उक्त निर्देश जारी किए।

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