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Jabalpur News: कांग्रेस आईटी सेल कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट सख्त, भोपाल पुलिस से मांगा जवाब

Thu, 23 Apr 2026 03:09 PM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर

सार

भोपाल में कांग्रेस आईटी सेल के तीन कार्यकर्ताओं की कथित अवैध गिरफ्तारी मामले में हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस से जवाब तलब किया है और 27 अप्रैल को पेशी के निर्देश दिए हैं।
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जबलपुर हाईकोर्ट।
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विस्तार
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राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के एक कथित पत्र को इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट करने के मामले में मध्य प्रदेश कांग्रेस आईटी सेल के तीन कार्यकर्ताओं की कथित अवैध गिरफ्तारी के खिलाफ हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की गई थी। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा तथा जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने सुनवाई के दौरान पाया कि गिरफ्तारी प्रक्रिया में कानून का पालन नहीं किया गया है। युगलपीठ ने पुलिस कमिश्नर भोपाल से पूछा है कि बिना ट्रांजिट रिमांड या कानूनी प्रक्रिया का पालन किए कार्यकर्ताओं को राजस्थान पुलिस को कैसे सौंप दिया गया।

भोपाल निवासी खिजर खान सहित अन्य की ओर से दायर याचिका में कहा गया था कि 20 अप्रैल 2026 की सुबह लगभग तीन बजे साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन भोपाल में पुलिस द्वारा कांग्रेस आईटी सेल के तीन कार्यकर्ताओं निखिल, बिलाल और इनाम को अवैध रूप से हिरासत में लिया गया। उन्हें दो दिनों तक किसी भी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश नहीं किया गया।

याचिका की सुनवाई के दौरान शासन की ओर से बताया गया कि राजस्थान पुलिस की मौखिक सूचना पर तीनों को पुलिस थाने बुलाकर पूछताछ की गई और फिर उनके परिवार वालों को सौंप दिया गया। अगले दिन दोपहर में उन्हें फिर साइबर सेल बुलाया गया और बाद में राजस्थान पुलिस को सौंप दिया गया।

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याचिकाकर्ता की ओर से तर्क दिया गया कि तीनों को हिरासत या गिरफ्तारी किए जाने का कोई रिकॉर्ड या राजस्थान पुलिस को सौंपने से संबंधित कोई दस्तावेज उन्हें नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस का पूरा बयान झूठा और मनगढ़ंत है। याचिकाकर्ता के अनुसार, आरोपियों को 20 अप्रैल 2026 की तड़के हिरासत में लिया गया था और उन्हें किसी भी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश नहीं किया गया। यहां तक कि ट्रांजिट रिमांड के लिए भी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश नहीं किया गया।

27 अप्रैल को पेश करने के निर्देश दिए
युगलपीठ ने याचिका की सुनवाई करते हुए पुलिस कमिश्नर भोपाल, एसएचओ साइबर क्राइम ब्रांच भोपाल और राजस्थान के ज्योतिनगर पुलिस थाने के एसएचओ सज्जन सिंह को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। युगलपीठ ने राजस्थान पुलिस को तीनों कार्यकर्ताओं को अगली सुनवाई यानी 27 अप्रैल को पेश करने के निर्देश भी दिए हैं। इसके साथ ही भोपाल के जहांगीराबाद स्थित पुलिस परिवहन एवं अनुसंधान संस्थान के 20 अप्रैल 2026 के सीसीटीवी फुटेज भी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

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