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IAS Transfers: बी. चंद्रशेखर ने मांगा वीआरएस, वर्मा जबलपुर के नए कमिश्नर, वरिष्ठ अफसर इधर से उधर

Thu, 30 Mar 2023 06:01 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर

सार

मध्यप्रदेश सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अफसर और जबलपुर कमिश्नर बी. चंद्रशेखर का वीआरएस आवेदन मंजूर कर लिया है। मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेजा है, उनकी जगह 2007 बैच के आईएएस अफसर अभय कुमार वर्मा को जबलपुर का नया कमिश्नर बनाया गया है। इसके अलावा कुछ अन्य अफसरों के तबादले किए हैं।
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बी. चंद्रशेखर ने मांगा वीआरएस - फोटो : अमर उजाला
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रामनवमी को अवकाश के दिन भी मध्यप्रदेश के सामान्य प्रशासन विभाग ने वरिष्ठ अफसरों का तबादला आदेश जारी किया है। इसके तहत जबलपुर संभाग के कमिश्नर बी. चंद्रशेखर को मध्यप्रदेश शासन में सचिव बनाया गया है। हालांकि, अधिकृत सूत्रों के अनुसार उन्होंने तीन महीने की सैलरी के चेक के साथ वीआरएस आवेदन दिया था। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसे मंजूर कर लिया है।

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उन्होंने यह फैसला क्यों लिया, यह अब तक स्पष्ट नहीं हो सका है। चंद्रशेखर की जगह अभय कुमार वर्मा को जबलपुर कमिश्नर बनाया गया है। वर्मा लोक शिक्षण आयुक्त पद पर थे। 2008 बैच के आईएएस अफसर वीरेंद्र सिंह रावत को वि.क.अ.-सह-इंदौर श्रम आयुक्त से सागर का वि.क.अ.-सह-कमिश्नर नियुक्त किया गया है। इंदौर श्रम आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार इंदौर कमिश्नर पवन कुमार शर्मा को दिया गया है।

इसी तरह 2009 बैच की आईएएस अफसर अनुभा श्रीवास्तव को हस्तशिल्प एवं हथकरघा विकास निगम की प्रबंध संचालक से वि.क.अ.-सह-आयुक्त लोक शिक्षण बनाया गया है। उनके पास हस्तशिल्प निगम के प्रबंध संचालक का अतिरिक्त प्रभार रहेगा। इसी तरह फैज अहमद किदवई को आयुष विभाग के प्रमुख सचिव का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। स्वतंत्र कुमार सिंह को अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन संस्थान के सीओ का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वहीं, निधि निवेदिता को खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड भोपाल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है।
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चंद्रशेखर लड़ सकते हैं चुनाव...
बी. चंद्रशेखर ने जिस तरह वीआरएस आवेदन दिया और जिस जल्दबाजी से उसे राज्य शासन स्तर पर स्वीकार किया गया, उससे यह अटकलें लग रही हैं कि वह विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं। तीन माह के पूर्व नोटिस की शर्त को भी शिथिल करने की बात राज्य सरकार ने केंद्र को भेजे प्रस्ताव में लिखी है। चंद्रशेखर की अभी 15 साल की सेवा बाकी है। वे सेवा में रहते तो 2038 में रिटायर होते। चंद्रशेखर अलीराजपुर, डिंडौरी, बैतूल, झाबुआ, बालाघाट और रतलाम में कलेक्टर रहे हैं। यह सभी आदिवासी जिले हैं। ऐसे में उनके जरिये आदिवासी वोटबैंक को लुभाया भी जा सकता है। फिलहाल कुछ भी स्पष्ट नहीं है।

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