पत्नी ने अपने प्रेमी और उसके साथी के साथ पति की हत्या को अंजाम दिया। मामले में सुनावाई करते हुए विशेष न्यायाधीश गिरीश दीक्षित ने पत्नी सहित तीनों को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने तीनों को आजीवन कारावास की सजा से दंडित करते हुए चार-चार हजार रुपये के अर्थदंड की सजा से दंडित किया है।
अभियोजन के अनुसार मझगवॉ थानान्तर्गत निवासी आषीष चौधरी राजमिस़्त्री का काम करता था। उसका विवाद मनीषा उर्फ साधना से हुआ था। युवक की पत्नी के गांव में रहने वाले धर्मेन्द्र उर्फ धन्नू से प्रेम संबंध थे, जिसकी जानकारी उसके पति को लग गयी थी। प्रेम संबंध में रोड़ा बनने के कारण पत्नी ने अपने प्रेमी धर्मेन्द्र तथा उसके साथी अमिल उर्फ चालीस के साथ पति की हत्या का षड्यंत्र रचा था। निर्धारित योजना के तहत पत्नी ने युवक को घर का सामान लगाने के लिए 25 सितंबर 2022 को कुम्ही गांव के साप्ताहिक बाजार बाजार भेजा था।
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कुम्ही बाजार में पहले से धर्मेन्द्र और अमित उसके आने का इंतजार कर रहे थे। उसके आने पर दोनों उसे शराब पिलाने ले गये थे। शराब का नशा अत्यधिक होने के कारण दोनों युवक को उसकी की मोटर साइकिल में बैठाकर ग्राम परसेल की तरफ ले गये और रास्ते में सिर पर पत्थर पटक कर उसकी हत्या कर दी। हत्या करने के बाद दोनों आरोपी घटनास्थल में मोटर साइकिल छोड़कर चले गये थे, ताकि मौत का कारण शराब के नशे में सड़क दुर्घटना लगे। पुलिस ने विवेचना के बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया था।
न्यायालय ने सुनवाई के दौरान पेश किए गये साक्ष्य और गवाहों के आधार पर तीनों आरोपियों को हत्या का दोषी करार दिया। न्यायालय ने सुनवाई के बाद आरोपियों को उक्त सजा से दंडित किया। न्यायालय में अभियोजन की तरफ से जिला लोक अभियोजन अधिकारी स्मृतिलता बरकड़े एवं विषेष लोक अभियोजक नविता पिल्ले के पक्ष रखा।