प्रदेश में न्यायिक अधिकारियों पर बढ़ते हमले और चोरी की घटनाओं को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अत्यंत गंभीरता से लेते हुए कड़ी टिप्पणी की है। अनूपपुर जिले में जमानत याचिका खारिज करने पर प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट अमनदीप सिंह छाबड़ा के सरकारी आवास पर हुए हमले तथा अन्य जिलों में जिला न्यायाधीशों के घरों में हुई चोरी की घटनाओं पर शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट की युगलपीठ मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ ने स्पष्ट कहा कि जब न्यायाधीश ही सुरक्षित नहीं हैं, तो वे न्याय कैसे करेंगे?
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गौरतलब है कि 23 जुलाई 2016 को मंदसौर में राष्ट्रीय राजमार्ग पर न्यायाधीश राजवर्धन गुप्ता के साथ मारपीट की घटना सामने आई थी। इस मामले की जांच उच्च न्यायालय के तत्कालीन रजिस्ट्रार जनरल मनोहर ममतानी ने की थी और रिपोर्ट हाईकोर्ट में प्रस्तुत की थी। इसके बाद अदालत ने इस मुद्दे को जनहित याचिका के रूप में सुनवाई के लिए स्वीकार किया था।