फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jabalpur News: हाउसिंग बोर्ड का बाबू दस हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार, नामांतरण के नाम पर मांगी थी रिश्वत

Fri, 08 Aug 2025 08:27 PM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर

सार

मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड के बाबू अमन कोष्टा को मकान नामांतरण के एवज में 10 हजार रुपये रिश्वत लेते लोकायुक्त टीम ने रंगेहाथ पकड़ा। पीड़ित की शिकायत पर कार्रवाई हुई। आरोपी अनुकंपा नियुक्त था और बिना रिश्वत लिए काम नहीं करता था। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज हुआ। 
विज्ञापन
हाउसिंग बोर्ड का बाबू दस हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मकान के नामांतरण कार्य के एवज में रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त की टीम ने मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड के बाबू को रंगेहाथ पकड़ा। लोकायुक्त की टीम ने रिश्वत की राशि दस हजार रुपये जब्त करते हुए उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर आवश्यक कार्यवाही की।

विज्ञापन


ये भी पढ़ें- पीएचई विभाग में भ्रष्टाचार का बड़ा खेल, परिवार में एक की मौत के बाद तीन लोगों को मिली सरकारी नौकरी
विज्ञापन


लोकायुक्त डीएसपी नीतू त्रिपाठी के अनुसार सुभाष नगर महाराजपुर निवासी हाकम सिंह साहू ने एमपी हाउसिंग बोर्ड महाराजपुर का मकान हीरेश कोष्टा से खरीदा था। इसकी बकायदा लिखा-पढ़ी स्टांप पेपर पर की गई। संयुक्त शपथपत्र तैयार कर मकान का नामांतरण के लिए मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड कार्यालय में आवेदन दिया गया। हाउसिंग बोर्ड के संजीवनी नगर स्थित कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 बाबू अमन कोष्टा ने नामांतरण कार्य के एवज में 10 हजार रुपये रिश्वत के रूप में मांगे थे। पीड़ित ने इस संबंध में लोकायुक्त से शिकायत की थी। शिकायत की जांच के बाद पुलिस अधीक्षक जबलपुर अंजूलता पटले के निर्देश पर टीआई जितेंद्र यादव के नेतृत्व में ट्रैप दल ने संजीवनी नगर स्थित हाउसिंग बोर्ड कार्यालय में दबिश देकर आरोपी अमन कोष्टा को दस हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ धरदबोचा। आरोपी बाबू को अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। आरोपी बिना रिश्वत लिए नामांतरण नहीं करता था, जिससे लोग परेशान हो चुके थे। बताया गया है कि शिकायतकर्ता दो माह से नामांतरण को लेकर परेशान था। पीड़ित ने बाबू अमन कोष्टा से नामांतरण कार्य के संबंध में चर्चा की तो उसने दस हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। 

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें