छिंदवाड़ा कफ सिरप कांड मामले में आरोपी डॉक्टर की जमानत याचिका पर सुनवाई बढी
प्रदेश में जानलेवा कफ सिरप से हुई 24 मासूमों की मौत के मामले में गिरफ्तार आरोपी डॉक्टर प्रवीण सोनी ने जमानत के लिए हाईकोर्ट की शरण ली है। हाईकोर्ट जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ के समक्ष मंगलवार को उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई निर्धारित करने का आग्रह किया। एकलपीठ ने आग्रह को स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई 11 नवम्बर को निर्धारित की है।
गौरतलब है कि कफ सिरप कांड में अभी तक प्रदेश के 24 बच्चों की मृत्यु हो गई है। छिंदवाड़ा में 24 बच्चों तथा बैतूल में दो बच्चों की मौत हो गई थी। छिंडवाड़ा में अधिकांश को डॉक्टर प्रवीण सोनी ने ही वह कफ सिरप प्रिस्क्राइब किया था। छिंदवाड़ा जिले के परासिया थाना पुलिस ने कप सिरप की निर्माण कंपनी श्रीसन फार्मेसी के संचालक, डॉ. प्रवीण सोनी व अन्य के खिलाफ प्रकरण दर्ज करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया था। जिला न्यायालय ने प्रकरण को गंभीर मानते हुए आरोपी डॉक्टर की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद आरोपी डॉक्टर ने जमानत के लिए हाईकोर्ट की शरण ली है।
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जमानत याचिका में कहा गया था कि डॉक्टर के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने के लिए मेडिकल बोर्ड की अनुमति आवश्यक है। पुलिस ने बिना अनुमति ही प्रकरण दर्ज करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया है। उन्होने डॉक्टर होने के नाते बच्चों को कफ सिरप प्रिस्क्राइब किया था। कफ सिरप बनाने तथा उसे बेचने की अनुमति निर्माण कंपनी को सरकार के संबंधित विभागों ने प्रदान की है। उनकी कफ सिरप के बनाने में कोई भूमिका नहीं थी। वह कप सिरप की निर्माता व विक्रेता नहीं है। आरोपी डॉक्टर की जमानत का विरोध करते हुए आपत्ति पेश करते हुए हाईकोर्ट ने 11 आवेदन पेश किए गए हैं।