जबलपुर के विजय नगर क्षेत्र स्थित श्री साईं हॉस्पिटल की बिना पूर्व सूचना के मान्यता रद्द करने संबंधी मामले को हाईकोर्ट ने काफी गंभीरता से लिया। जस्टिस विवेक अग्रवाल की एकलपीठ ने कहा है कि सीएमएचओ रिपोर्ट के साथ अपना जवाब दें, यदि जवाब नहीं आता है तो अगली सुनवाई पर सीएमएचओ को न्यायालय के समक्ष उपस्थित होना होगा। एकलपीठ ने मामले की अगली सुनवाई 12 अक्टूबर को निर्धारित की है।
यह मामला मेसर्स श्री साईं हॉस्पिटल जबलपुर की ओर से दायर किया गया है। जिसमें कहा गया कि 23 सितंबर 2022 को बिना पूर्व सूचना व नियम का पालन किए बगैर ही सीएमएचओ ने अस्पताल की मान्यता रद्द कर दी। जबकि उक्त अस्पताल गत 14 सालों से कार्य कर रहा है, जहां पर सभी उपकरण एवं आवश्यक दस्तावेज हैं। अस्पताल की ओर से कहा गया कि फायर सेफ्टी को लेकर उनके खिलाफ उक्त कार्रवाई की गई, जबकि सीएमएचओ को फायर सेफ्टी पर कार्रवाई करने का अधिकार नहीं है। सुनवाई पश्चात् न्यायालय ने सीएमएचओ को रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं, यदि जवाब नहीं आया तो सीएमएचओ को 12 अक्टूबर को न्यायालय में हाजिर होना होगा। मामले में अस्पताल की ओर से अधिवक्ता पंकज दुबे व अक्षय अग्रवाल ने पक्ष रखा।