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MP: प्राचीन शिव मंदिर के ऐतिहासिक महत्व की ASI या सक्षम एजेंसी से होगी जांच, कोर्ट ने कलेक्टर को दिए निर्देश

Sat, 01 Aug 2026 08:00 PM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर

सार

जबलपुर के रामपुर चौक स्थित प्राचीन शिव मंदिर की प्राचीनता और ऐतिहासिक महत्व को लेकर चल रहे विवाद में जिला न्यायालय ने कलेक्टर को निर्देश दिए हैं कि एएसआई या अन्य सक्षम शासकीय एजेंसी से सर्वे कराकर विस्तृत रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत करें।

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जिला न्यायलय - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जबलपुर शहर के रामपुर चौक स्थित डेलीमा कंपाउंड में बने प्राचीन भगवान शिव मंदिर के ऐतिहासिक महत्व की जांच कराने की मांग को लेकर दायर सिविल वाद पर जिला न्यायालय ने महत्वपूर्ण आदेश दिया है। न्यायालय ने जिला कलेक्टर को निर्देश दिए हैं कि मंदिर की प्राचीनता और ऐतिहासिक महत्व की जांच भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) अथवा किसी अन्य सक्षम शासकीय एजेंसी से कराकर विस्तृत प्रतिवेदन न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाए।

वाद में कहा गया है कि डेलीमा कंपाउंड स्थित इस प्राचीन शिव मंदिर पर उषा डेलीमा निजी स्वामित्व का दावा कर रही हैं। उनका कहना है कि मंदिर का निर्माण वर्ष 1942 में उनके परिवार के सदस्यों ने कराया था। साथ ही मंदिर में आम लोगों के प्रवेश और पूजा-अर्चना पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।

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वहीं, पुनरीक्षणकर्ता अंजू भार्गव की ओर से अदालत में दलील दी गई कि यह शिव मंदिर करीब 200 वर्ष पुराना है और इसका ऐतिहासिक व धार्मिक महत्व है। ऐसे में उपलब्ध राजस्व अभिलेखों और अन्य दस्तावेजों के आधार पर किसी विशेषज्ञ संस्था से इसकी प्राचीनता और ऐतिहासिक महत्व की जांच कराना न्यायहित में आवश्यक है।

मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने कहा कि विवादित स्थल की वास्तविक स्थिति, प्राचीनता, ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और पुरातात्विक महत्व का निर्धारण विशेषज्ञ एजेंसी द्वारा कराया जाना आवश्यक है। इसी आधार पर जिला कलेक्टर को निर्देशित किया गया है कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) अथवा अन्य सक्षम शासकीय विभाग से स्थल का सर्वेक्षण कराकर विस्तृत रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करें। पुनरीक्षणकर्ता की ओर से अधिवक्ता शांतनु आयाची और आदर्श हीरा ने पैरवी की।

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