मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर
- फोटो : अमर उजाला
हाईकोर्ट में दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका में एक मां ने आरोप लगाया कि उसके बेटे की एक विशेष समुदाय की युवती से दोस्ती थी, जिसे युवती के परिजन पसंद नहीं करते थे। इस कारण युवक को कई बार धमकियां मिली थीं। युवक के लापता होने पर मां ने अनहोनी की आशंका जताते हुए याचिका दायर की थी।
हाईकोर्ट की जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने मामले को गंभीर मानते हुए राज्य शासन, गृह सचिव, डीजीपी, आईजी, एसपी जबलपुर, टीआई लार्डगंज सहित अन्य अनावेदकों को नोटिस जारी कर युवक को पेश करने के निर्देश दिए हैं।
युवक के लापता होने का मामला
याचिकाकर्ता प्रतिभा सोनी, निवासी आगा चौक, थाना लार्डगंज, जबलपुर ने याचिका में बताया कि उनका पुत्र 20 फरवरी 2025 को घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। काफी तलाश के बावजूद कोई सुराग न मिलने पर उन्होंने लार्डगंज थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। बावजूद इसके, पुलिस युवक को खोजने में असफल रही, जिससे विवश होकर उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया।
युवती के परिवार की धमकियां
याचिका में उल्लेख किया गया कि युवक की दोस्ती अधारताल क्षेत्र निवासी एक विशेष समुदाय की युवती से थी। युवती के परिजन इस संबंध से नाखुश थे। युवती के पिता ने युवक को कई बार घर आकर धमकाया था। इस आधार पर मां ने बेटे के अपहरण या अनहोनी की आशंका जताई है।
हाईकोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस को लापता युवक को जल्द पेश करने के निर्देश दिए हैं। युगलपीठ ने अगली सुनवाई 10 मार्च 2025 को निर्धारित की है।