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MP: रिश्वत में फंसे जीएसटी अफसर, सीबीआई की कार्रवाई के बाद दोनों जेल भेजे गए; कार्यालय अधीक्षक की तलाश जारी

Tue, 23 Dec 2025 04:25 PM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला,जबलुपर

सार

चार लाख रुपये की रिश्वत लेते पकड़े गए केंद्रीय जीएसटी के असिस्टेंट कमिश्नर और इंस्पेक्टर को रिमांड अवधि पूरी होने के बाद सीबीआई ने विशेष न्यायालय में पेश किया, जहां अदालत के आदेश पर दोनों को जेल भेज दिया गया।
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रिश्वत लेने के आरोपी जीएसटी के असिस्टेंट कमिश्नर तथा इंस्पेक्टर गये जेल
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विस्तार
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जबलपुर में सीबीआई ने चार लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में केंद्रीय जीएसटी के असिस्टेंट कमिश्नर और इंस्पेक्टर को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के लिए दोनों आरोपियों को तीन दिन के रिमांड पर लिया गया था। रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद सीबीआई ने दोनों को विशेष न्यायालय में पेश किया, जहां विशेष न्यायाधीश रूपेश कुमार गुप्ता ने दोनों आरोपियों को जेल भेजने के आदेश दिए।

गौरतलब है कि विगत 17 दिसंबर को सीबीआई ने ग्वारीघाट स्थित जीएसटी कार्यालय में दबिश देकर असिस्टेंट कमिश्नर विवेक वर्मा और इंस्पेक्टर सचिन खरे को एक होटल कारोबारी से चार लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। केंद्रीय जीएसटी विभाग ने होटल कारोबारी के ओयो ट्रांजैक्शन पर आपत्ति जताते हुए एक करोड़ रुपये की रिकवरी का नोटिस जारी किया था।

आपत्ति के निराकरण के लिए असिस्टेंट कमिश्नर विवेक वर्मा, कार्यालय अधीक्षक मुकेश वर्मन तथा इंस्पेक्टर सचिन खरे ने कथित रूप से दस लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। इस संबंध में होटल कारोबारी ने सीबीआई से शिकायत की थी। सीबीआई की दबिश से पहले ही जीएसटी कार्यालय अधीक्षक मुकेश वर्मन फरार हो गया था।

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आवश्यक दस्तावेज बरामद किए गए
सीबीआई ने तीनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया था। रिमांड अवधि के दौरान सीबीआई ने दोनों अधिकारियों से आवश्यक दस्तावेज बरामद किए व उनके बैंक खातों को सीज किया।

रिमांड अवधि समाप्त होने पर दोनों आरोपियों को विशेष न्यायालय में पेश किया गया, जहां न्यायालय के आदेश पर उन्हें जेल भेज दिया गया। सीबीआई फरार कार्यालय अधीक्षक की तलाश में जुटी हुई है।

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